रावण के सिर पर प्रियंका का हाथ, मायावती की बढ़ी मुश्किल

chandrashekhar ravan with priyanka gandhi
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मेरठ। बुधवार को यूपी की सियासत में एक नया मोड़ लिया। मेठर के अस्पताल में इलाज करा रहे भीम आर्मी के संस्थापक चंद्रशेखर रावण से कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मुलाकात की। यह मुलाकात कई मायने में सियासी रही लेकिन इसे केवल एक औपचारिक बताए जाने वाले इस मुलाकात के बाद मायावती ने भी काफी तीखे रूख अख्तियार कर लिया है। कहा जा रहा है कि प्रियंका ने नगीना लोकसभा सीट से चंद्रशेखर को चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। इस दौरान प्रियंका के साथ पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया और कांग्रेस नेता राज बब्बर भी साथ मौजूद थे। प्रियंका गांधी ने ‘रावण’ के बारे में कहा कि चंद्रशेखर ने जो संघर्ष किया, वह काबिले तारीफ है, इसलिए मैं चंद्रशेखर से मिलने के लिए आई हूं।



एक नौजवान को कुचलना चाहती है सरकार: प्रियंका
प्रियंका गांधी ने आनंद अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भर्ती चंद्रशेखर से मुलाकात की। इस दौरान मीडिया को एसपीजी ने बाहर निकाल दिया। चंद्रशेखर को सहारनपुर में यात्रा निकालने के दौरान पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद तबीयत खराब होने पर अस्पताल में भर्ती किया गया था। प्रियंका गांधी ने कहा कि यह सरकार इतनी अहंकारी बन गई है कि एक नौजवान को कुचलना चाहती है। इस सरकार ने रोजगार तो दिया नहीं अब आवाज उठाने वालों को कुचला जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें इस लड़के का जोश पसंद है, मजदूरों के लिए आवाज उठाता है। चंद्रशेखर के नगीना सीट से कांग्रेस सिंबल पर चुनाव लड़ने की बात टाल गईं। लेकिन सूत्रों ने बताया कि प्रियंका ने नगीना (सुरक्षित) लोकसभा सीट से लड़ने का प्रस्ताव चंद्रशेखर को दिया है।

सियासी हैं इस मुलाकात के मायने
प्रियंका और रावण के मुलाकात के बाद से ही भीम आर्मी और कांग्रेस के बीच गठबंधन के कयास लगने लगे हैं। यह तब है जब इस मुलाकात से ठीक एक दिन पहले मंगलवार को ही बीएसपी सुप्रिमो मायावती ने कांग्रेस के साथ किसी भी तरह के गठबंधन से साफ इंकार कर दिया था।  ऐसे में पश्चिमी यूपी के एससी वोटों पर अच्छी पकड़ रखने वाले चंद्रशेखर रावण के साथ गठबंधन कांग्रेस के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। भीम आर्मी पश्चिमी यूपी में सबसे मजबूत है। यहां के लोग मायावती से बड़ा नेता चंद्रशेखर को मानते हैं। दलित समुदाय के युवा चंद्रशेखर से जुड़ाव महसूस करते हैं।


चंद्रशेखर के बारें में नहीं जानते होंगे ये बातें

अप्रैल 2017 में सहारनपुर में जातीय दंगे हुए थे। इसमें भीम आर्मी खूब चर्चा में रही थी। चंद्रशेखर उर्फ रावण ने ही भीम आर्मी की स्थापना की थी। तब पुलिस ने चंद्रशेख और उसके 3 साथियों पर 12-12 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। चंद्रशेखर ने अभी तक शादी नहीं की है। उसके परिवार में दो बहनें हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। चंद्रशेखर का एक भाई है। एक चचेरा भाई है, जो इंजीनियर है। वो भी परिवार को समय-समय पर आर्थिक सहायता प्रदान करता है।


मायावती के लिए बड़ी मुश्किल

बसपा सुप्रीमो मायावती के दौरे के ठीक बाद सहारनपुर में हिंसा भड़की थी। मायावती की रैली से लौट रहे लोगों पर हमला हुआ था। जिसके बाद इलाके में महीनेभर के अंदर तीसरी बार हिंसा भड़क उठी। सहारनपुर में भड़की हिंसा के बीच वहां भीम आर्मी और उसके प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ दलितों की नई आवाज बन कर उभरे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान चंद्रशेखर को भारी समर्थन भी मिलता दिखा था। इस रैली में यूपी के अलावा बिहार, हरियाणा, झारखंड और पंजाब जैसे राज्यों से भी बड़ी संख्या में दलित पहुंचे थे। इसीलिए ये ‘दलितों की देवी’ मायावती का टक्कर देने वाले माने जा रहे थे।

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