अखिलेश-माया के खिलाफ कांग्रेस नहीं उतारेगी प्रत्याशी, सपा-बसपा गठबंधन के लिए छोड़ी 7 सीटें

उत्तर प्रदेश में कांग्रेस सात सीटों पर प्रत्याशी नहीं उतारेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजब्बर ने रविवार को इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि मैनपुरी, कन्नौज और फिरोजाबाद के साथ ही जिस सीट पर बसपा सुप्रीमो मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, रालोद के अजीत सिंह, जयंत चौधरी जिस भी सीट से चुनाव लड़ेंगे, वहां कांग्रेस अपना प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

उन्होंने कहा, सपा-बसपा गठबंधन ने हमारे लिए 2 सीटें छोड़ी हैं। हम गठबंधन के साथी सपा, बसपा और रालोद के लिए 7 सीटें छोड़ रहे हैं। वहीं, राज बब्बर ने कहा कि हम दो सीटें गोंडा और पीलीभीत अपना दल (कृष्णा पटेल) को दे रहे हैं। राजब्बर ने कहा कि भाजपा के लोग कहते हैं कि 2019 में चुनाव जीते तो देश मे चुनाव नहीं होगा। भाजपा नहीं चाहती कि विपक्ष सवाल करे। नेहरू से लेकर राहुल तक मानते हैं कि विपक्ष सवाल करे। दूसरी विचारधारा का हमेशा सम्मान किया।  पुराने साथी तारीक सिद्दीकी ने दोबारा कांग्रेस पार्टी की सदस्यता ग्रहण की है। इस देश में फांसीवादी ताकतें जिस तरह से बढ़ रही हैं। लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की है। भाजपा के लोग कह रहे हैं कि 2019 का चुनाव जीतेंगे तो उसके बाद देश में चुनाव नहीं होंगे। ये फासीवादी लोग विपक्ष की बात को नहीं सुनना चाहते हैं।

जन अधिकार पार्टी से सात सीटों पर समझौता
कांग्रेस ने राज्य में  के साथ सात सीटों पर समझौता किया गया है। पांच सीट पर जन अधिकार पार्टी अपने सिम्बल पर चुनाव लडे़गी और 2 सीटों पर हमारे सिम्बल पर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने बताया कि गठबंधन के लिए महान दल से बात हुई, उन्होंने कहा कि हम उन्हें लोकसभा चुनाव के लिए जितनी भी सीटें देंगे वह सहमत होंगे। वह विधानसभा चुनाव में भागीदारी चाहते हैं। लोकसभा चुनाव में वह हमारे (कांग्रेस) सिंबल पर लड़ने को तैयार हैं।


मायावती-अखिलेश की सीटों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं
मैनपुरी में सपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव, कन्नौज से डिंपल यादव, फिरोजाबाद से अक्षय यादव को उतारा है। इसके अलावा कांग्रेस ने रालोद प्रमुख अजीत सिंह, उपाध्यक्ष जयंत चौधरी, बसपा प्रमुख मायावती, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव न लड़ने का ऐलान किया है। अजीत सिंह मुजफ्फरनगर, जयंत चौधरी बागपत सीट से प्रत्याशी हैं। मायावती व अखिलेश यादव कहां से चुनाव लड़ेंगे, इस पर अभी तस्वीर साफ नहीं है।

सपा-बसपा गठबंधन ने कांग्रेस के लिए छोड़ी है दो सीट
सूबे में बसपा-सपा ने 38-37 सीटों पर गठबंधन किया है। अमेठी व रायबरेली में कांग्रेस शीर्ष नेतृत्व के लिए सपा-बसपा प्रत्याशी नहीं उतारेगी।

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