बंगाल के 3 विधायक, 50 पार्षद हुए भाजपाई 

नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव में 18 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल करने के बाद आज ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी एक बड़ा झटका दिया है। भाजपा ने टीएमसी के 2 और सीपीएम के 1 विधायक को तोड़ लिया है। तीनों आज भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय में पार्टी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की मौजूदगी में भाजपाई हो गए। इसके अलावा पश्चिम बंगाल के विभिन्न नगर निगमों के 50 से अधिक पार्षद भी भाजपा में शामिल हो गए। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पश्चिम बंगाल की 3 नगर पालिकाओं पर पूरी तरह से अब भाजपा का कब्जा हो गया। विधायकों में शुभ्रांशु रॉय बीजपुर से विधायक हैं। उनके अलावा विष्णुपुर से टीएमसी के विधायक तुषार कांति भट्टाचार्य, हेमताबाद से सीपीएम के विधायक देवेंद्र रॉय ने भी पार्टी की सदस्यता ली। शुभ्रांशु रॉय टीएमसी के पूर्व दिग्गज नेता एवं ममता बनर्जी के सबसे करीबी रहे और अब भाजपा के बड़े चेहरे बन चुके मुकुल रॉय के बेटे हैं। शुभ्रांशु को टीएमसी पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में पहले ही सस्पेंड कर चुकी है। इस मौके पर मुकुल रॉय भी मौजूद रहे।

इस मौके पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि टीएमसी को अभी और झटके लगेंगे। यह अभी पहला चरण ही है। जिस तरह से बंगाल में चुनाव 7 चरणों में हुए थे, उसी तरह से 7 राउंड में बीजेपी में भी नेताओं को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ममता दीदी की सरकार 2021 तक चले, लेकिन अगर इस बीच सारे विधायक भाजपाई हो गए तो कुछ भी हो सकता है। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल की एक रैली में कहा था कि टीएमसी के 40 विधायक भाजपा के संपर्क में हैं, और वे चुनाव के बाद भाजपा में शामिल हो सकते हैं। तब टीएमसी ने दावा किया था कि एक कारपोरेटर भी नहीं जा रहा है। लीजिए, आज 3 विधायक और 50 पार्षद अपनी स्वेच्छा और मोदी जी की नीतियों से प्रभावित होकर भाजपा का दामन थाम लिए। उन्होंने कहा कि ममता जी की तानाशाही से तंग आकर सभी बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। आज तो बस पहला चरण था। आगे भी इस तरह से सदस्यता ग्रहण करने का सिलसिला जारी रहेगा।
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 295 में से तृणमूल के 211 विधायक हैं। इनके अलावा कांग्रेस के 44, माकपा के 26 और भाजपा के 3 विधायक हैं। इन तीन विधायकों के जाने से फिलहाल ममता सरकार पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। बहुमत के लिए 148 सीटें जरूरी होती हैं। राज्य में अगले विधानसभा चुनाव 2021 में होने हैं। हाल ही में सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में भी भाजपा ने 42 में से 18 सीटों पर जीत दर्ज की है। पिछली बार भाजपा को दो ही सीटें मिली थीं। वहीं, तृणमूल ने 22 सीटें जीती हैं।



बंगाल की तीन नगर पालिकाओं पर भाजपा का कब्जा 

भाजपा के मुताबिक पश्चिम बंगाल की काचरापारा म्युनिसिपलिटी के 17 पार्षद बीजेपी में शामिल हो गए। इनमें म्युनिसिपलिटी के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन समेत 17 पार्षद बीजेपी में शामिल हुए हैं। कुल 26 पार्षदों वाले इस सदन के 17 सदस्यों के बीजेपी में शामिल होने से यहां बीजेपी सत्ता में आ गई है। इसके अलावा दो अन्य म्युनिसिपलिटी पर बीजेपी ने कब्जा जमा लिया है। तीनों म्युनिसिपलिटी के लगभग 50 पार्षद शामिल हुए हैं।

2021 फतह करने की तैयारी में भाजपा 
सूत्रों के मुताबिक भाजपा 2021 में होने वाले विधानसभा चुनाव में फतह करने की तैयारी में है। लोकसभा चुनाव उसका सेमीफाइनल था। रिजल्ट बहुत अच्छा रहा। लिहाजा, फाइनल में जीतने के लिए आज जैसी कवायद बड़े स्तर पर भाजपा को करनी होगी। इसके लिए अमित शाह के करीबी कैलाश विजयवर्गीय पश्चिम बंगाल में डेरा जमाए हुए हैं। वह तो यहां तक कहते हैं कि 2021 में टीएमसी को विपक्ष के लायक भी नहीं छोड़ेंगे। हालांकि इन नेताओं के शामिल होने के बाद दोनों दलों में तनाव और भड़क सकता है। लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में जबरदस्त प्रदर्शन के बाद बीजेपी और आक्रामकता के साथ टीएमसी और ममता को चुनौती देने के मूड में दिख रही है।

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