अयोध्या मामला: नक्शे की कॉपी फाड़ने पर राजीव धवन के खिलाफ शिकायत

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट में जारी अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन हिंदू धर्म की भावना को ठेस पहुंचाने का काम किया है। हुआ यह की वकील राजीव धवन ने बुधवार को कथित रूप से भगवान राम के जन्म स्थल को दर्शाने वाले एक नक्शे को सुनवार्इ के दौरान फाड़ दिया था।
अब इस मामले की शिकायत एक हिन्दू पक्षकार ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) से की है। अखिल भारत हिन्दू महासभा से संबंधित एक संगठन ने धवन की इस कार्रवाई की निन्दा करते हुये बार काउंसिल ऑफ इंडिया को पत्र लिखा है। शिकायत में धवन के इस कदम की घोर निंदा करते हुए इसे ‘अत्यधिक अनैतिक कृत्य’’ बताया है।

चीफ जस्टिस भी बने गवाह
चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ के समक्ष बीसीआई से शिकायत करने वाले संगठन के वकील विकास सिंह ने सुनवाई के अंतिम दिन उस नक्शे को दिखाया था, जिसपर राजीव धवन ने आपत्ति जताई थी। विकास सिंह द्वारा स्थलाकृति मानचित्र (पिक्टोरियल मैप) दिये जाने पर धवन ने कोर्ट कक्ष में ही उसे फाड़कर सनसनी पैदा कर दी।

हिंदू महासभा ने की शिकायत
अखिल भारत हिन्दू महासभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रमोद पंडित जोशी ने कहा, ‘‘सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किये गये नक्शे की प्रति के टुकड़े-टुकड़े करके अत्यधिक अनैतिक काम किया है। धवन का यह कृत्य सुप्रीम कोर्ट बार की गरिमा को ठेस पहुंचाता है। बयान में बार काउंसिल ऑफ इंडिया से अनुरोध किया गया है कि धवन के इस कृत्य का संज्ञान लिया जाये और उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाये।
विकास सिंह द्वारा यह नक्शा पेश करने पर आपत्ति करते हुये धवन ने कहा था कि इस तरह के दस्तावेज को अब आधार नहीं बनाया जा सकता क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दूसरे दस्तावेजों पर ‘जन्मस्थान’ की स्थिति के मुद्दे पर विचार किया था। धवन ने मानत्रिच को आधार बनाये जाने का पुरजोर विरोध किया तो वकील विकास सिंह ने कहा कि वह इस नक्शे को रिकार्ड पर लेने के लिये दबाव नहीं डालेंगे। बता दें कि यह नक्शा बिहार काडर के आईपीएस अधिकारी किशोर कुणाल की पुस्तक ‘अयोध्या रिविजिटेड’ का भी हिस्सा है।

खचाखच भरा था कोर्ट रूम
राजीव धवन ने तब संविधान पीठ से पूछा कि उन्हें अब इसका (नक्शे) क्या करना चाहिए तो पीठ ने कहा कि वह इस दस्तावेज के टुकड़े कर सकते हैं। इस पर राजीव धवन ने वकीलों और खचाखच भरे कोर्ट रूम में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा से संबंधित एक संगठन के वकील द्वारा उपलब्ध कराया गया सचित्र नक्शा फाड़ कर सभी को हतप्रभ कर दिया था।
यह नाटक यहीं नहीं खत्म हुआ और भोजनावकाश के बाद सुनवाई के दौरान धवन ने एक बार फिर उनके द्वारा दस्तावेज फाड़े जाने की घटना का जिक्र किया और कहा कि ‘कोर्ट के बाहर यह वायरल हो गया है’

जो भी किया अनुमति लेकर कियाः धवन
वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने कहा, ‘‘यह खबर वायरल हो गयी है कि मैंने अपने आप ही ये दस्तावेज फाड़ दिये’’ राजीव धवन ने कहा कि उन्होंने पीठ से अनुमति मांगी थी कि क्या इन कागजात को फेंका जा सकता है और चीफ जस्टिस का जवाब था, ‘‘यदि यह अप्रासंगिक है, आप इसे फाड़ सकते हैं’’ उन्होंने कहा, ‘‘चीफ जस्टिस ने कहा मैं इन कागजों को फाड़ सकता हूं और मैंने सिर्फ उनके आदेश का पालन किया।
मैं ऐसे मामलों में (वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद) दातार की सलाह लेता हूं और उन्होंने मुझसे कहा कि यह निर्देश है।’’सीजेआई ने तपाक से कहा, ‘‘डॉ धवन सही है कि चीफ जस्टिस ने कहा, इसलिए उन्होंने इसे फाड़ दिया। यह स्पष्टीकरण भी व्यापक रूप से रिपोर्ट होने दीजिये।’’ चीफ जस्टिस के साथ एक अन्य जस्टिस एस अब्दुल नजीर ने सहमति व्यक्त करते हुये कहा, ‘‘अब इसे व्यापक रूप से रिपोर्ट किया गया है।

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