Amphan Cyclone LIVE: बंगाल तट पर कुछ ही घंटों में होगा एम्फन का लैंडफॉल

नई दिल्ली, नेशनल डेस्क: बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात एम्फन बंगाल तट के करीब पहुंच गया है। दोपहर के बाद यह चक्रवात जमीन से टकराएगा। आइएमडी कोलकाता ने जानकारी दी है कि चक्रवात दीघा से 177 किमी दूर दक्षिण-पूर्व में केंद्रीत है। इसके कोलकाता के करीब उत्तर उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके मई 21 की सुबह तक तीव्र रहने की संभावना है।

एनडीआरएफ के प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा कि ओडिशा के तटीय इलाकों के पास हवा की गति बढ़ी है और पारादीप में लगभग 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है। पश्चिम बंगाल में हवा इतनी तेज नहीं है। ओडिशा ने बालासोर और भद्रक और पश्चिम बंगाल से लगभग 1.5 लाख लोगों को निकाला है। 3.3 लाख से अधिक लोगों को निकाला गया है। उन्होंने कहा, ‘हमारा ध्यान लैंडफॉल के समय और संभावित गति पर ध्यान है। इस दौरान 4 से 5 मीटर की समुद्री लहरें उठने के आसार हैं। एनडीआरएफ की टीमें स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय कर रही हैं। ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 41 टीमें तैनात हैं।’

इससे पहले भारतीय मौसम विभाग ने जानकारी दी थी कि चक्रवात एम्फन आज सुबह 10.30 बजे ओडिशा के पारादीप से 120 किलोमीटर दूर था। यह चक्रवात आज दोपहर के बाद बंगाल के दीघा-हातिया तट पर सुंदरवन के पास स्थल भाग से टकराएगा। इस दौरान हवा की गति 155-165 किलोमीटर प्रतिघंटा से 185 किलोमीटर होने की संभावना है।

नौसेना बचाव कार्य के लिए तैनात

भारतीय नौसेना ने जानकारी दी है कि चक्रवात एम्फन के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लिए जेमिनी बोट और मेडिकल टीम के साथ 20 बचाव दलों को तैयार हैं। इसके अलावा नौसेना के एयरक्राफ्ट नौसेना स्टेशनों विशाखापतनम में आईएनएस डेगा और अराकोणम में आइएनएस राजाली राहत-बचाव कार्यों के लिए तैयार हैं।

अगले 6-7 घंटे काफी  महत्वपूर्ण

ओडिशा के विशेष राहत आयुक्त  पीके जेना ने कहा कि यह चक्रवात 18-19 किलोमीटर प्रतिघंटा के रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। आज देर शाम तक इसके जमीन से टकराने की आशंका है। अगले 6-7 घंटे काफी  महत्वपूर्ण है। एम्फन सुपर साइक्लोन से अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान (Extremely Severe Cyclonic Storm) में तब्दील हो गया है।

कोलकाता एयरपोर्ट बंद

बंगाल की खाड़ी मे उठे चक्रवात एम्फन के कारण कल सुबह 5 बजे तक कोलकाता एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया। इस दौरान कोरोना वायरस (COVID-19)के मद्देनजर संचालित विशेष विमानों का भी संचालन नहीं होगा। हवाई अड्डे के निदेशक ने इसकी जानकारी दी है। भारतीय तटरक्षक जहाजों और विमानों को  बचाव और राहत प्रयासों के लिए स्टैंडबाय पर रखा गया है।

पारादीप में 102 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से हवाएं चली

 

 

इससे पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने जानकारी दी थी कि पारादीप में 102 किलोमीटर प्रति घंटा के रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। चांदबली में हवा की रफ्तार 74 किलोमीटर प्रति घंटा है। इसके बालासोर में 61 किलोमीटर प्रति घंटा और पुरी में 41 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चली हैं।

भारी तबाही की आशंका

 

 

बंगाल तट पर पहुंचने के दौरान तेज हवाओं के साथ राज्य के तटीय जिलों में भारी बारिश और 4 से 5 मीटर की समुद्री लहरें उठने के आसार हैं। बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर, दक्षिण और उत्तर 24 परगना, हावड़ा, हुगली और कोलकाता के जिले प्रभावित होने की उम्मीद है। इससे भारी तबाही की आशंका हैै। केंद्र सरकार ने संबंधित राज्यों को सतर्क करते हुए भारी तबाही की चेतावनी दी है।

पश्चिम बंगाल में आपदा प्रबंधन और नागरिक सुरक्षाकर्मी लोगों से आग्रह कर रह हैं कि वे घर के अंदर रहें। दीघा में तेज हवाओं के साथ समुद्र में हाई टाइड देखने को मिला।

 

 

>ओडिशा के भद्रक में आर एंड बी कार्यालय के पास सड़क से अवरोधक को हटाती अग्निशमन सेवा की टीम, ताकि वाहनों की आवाजाही, आवश्यक वस्तुओं और आपातकालीन सेवाकर्मियों को दिक्कत का सामना न करना पड़े।

>ओडिशा में चक्रवात एम्फन को देखते हुए अब तक 1,704 शेल्टर होम तैयार किए गए हैं और 1,19,075 लोगों को वहां पहुंचाया गया है।       पारादीप में कल रात से हवा और बारिश की रफ्तार बढ़ गई है। हवा 82 किमी प्रति घंटा (44 नॉट) की गति से चल रही है।

>ओडिशा के बालासोर ज़िले के चांदीपुर में तेज़ हवा चलने के साथ बारिश हो रही है, चक्रवात एम्फन के आज जमीन से टकराने की आशंका     है। समाचार एजेंसी एएनआइ ने समुद्र में उठती लहरों का वीडियो जारी किया है।

पश्चिम बंगाल में चक्रवात एम्फन के मद्देनजर NDRF की 19 टीमें तैनात 

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की 19 टीमों को पश्चिम बंगाल में चक्रवात एम्फन के मद्देनजर तैनात किया गया है। दक्षिण 24 परगना में छह टीमों को तैनात किया गया है, पूर्वी मिदनापुर और कोलकाता में चार-चार टीमें, उत्तर 24 परगना में तीन टीमें और हुगली और हावड़ा में एक-एक टीम। एनडीआरएफ 2 बटालियन के कमांडेंट निशित उपाध्याय ने इसकी जानकारी दी।

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