यूपी डेस्क: उत्तर प्रदेश में कानपुर की पुलिस ने गोद में बच्ची को लिए एक व्यक्ति की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में नज़र आने वाले इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया है। इस वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा था और इसे लेकर प्रदेश की क़ानून व्यवस्था को निशाना बनाया जा रहा था।

बीजेपी सांसद वरुण गांधी ने इस घटना का वीडियो ट्वीट करते हुए शुक्रवार को लिखा – “सशक्त क़ानून व्यवस्था वो है जहां कमज़ोर से कमज़ोर व्यक्ति को न्याय मिल सके। यह नहीं कि न्याय मांगने वालों को न्याय के स्थान पर इस बर्बरता का सामना करना पड़े, यह बहुत कष्टदायक है। भयभीत समाज क़ानून के राज का उदाहरण नहीं है। सशक्त क़ानून व्यवस्था वो है जहां क़ानून का भय हो, पुलिस का नहीं। इस घटना को लेकर शुक्रवार को पुलिस ने भी जानकारी दी है। कानपुर ज़ोन के एडीजी भानु भास्कर ने ट्वीट कर बताया है कि वीडियो में लाठी चलाते हुए दिख रहे पुलिस इंस्पेक्टर को फ़िलहाल सस्पेंड कर दिया गया है।
सशक्त कानून व्यवस्था वो है जहां कमजोर से कमजोर व्यक्ति को न्याय मिल सके।
यह नहीं कि न्याय मांगने वालों को न्याय के स्थान पर इस बर्बरता का सामना करना पड़े,यह बहुत कष्टदायक है।भयभीत समाज कानून के राज का उदाहरण नहीं है।
सशक्त कानून व्यवस्था वो है जहां कानून का भय हो,पुलिस का नहीं। pic.twitter.com/xoseGpWzZH
— Varun Gandhi (@varungandhi80) December 10, 2021
क्या है मामला
ये घटना कानपुर के अकबरपुर इलाक़े की है। वहाँ के सरकारी अस्पताल में कर्मचारियों ने एक स्थानीय मुद्दे को लेकर हड़ताल कर दी थी। गुरुवार को पुलिस ने इस हड़ताल को ख़त्म करवाने की कोशिश की और इस दौरान बात बढ़ने पर उन्होंने बलप्रयोग किया। उन्होंने हड़ताल की अगुआई कर रहे रजनीश शुक्ला नाम के एक व्यक्ति को पकड़ कर जीप में बिठा लिया। इसके बाद पुलिस ने वहाँ मौजूद एक और व्यक्ति पर लाठियाँ चलाईं जिसके हाथ में एक बच्ची थी।
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