बैंगलोर: सेना के लिए एक और बुरी खबर मंगलवार को आई। बैंगलोर में एयर शो की रिहर्सल के दौरान वायुसेना के दो सूर्यकिरण विमान क्रैश हो गए। इसमें एक पायलट की मौत हो गई साथ ही एक नागरिक भी घायल हो गया है। हादसा येलाहांका एयरबेस पर हुआ। हालांकि सूर्यकिरण विमान का 2011 में इस्तेमाल बंद कर दिया गया था लेकिन 2015 में इन्हें एक बार फिर वायुसेना में शामिल किया गया था। सूर्यकिरण विमान एयरफोर्स की एयरोबेटिक्स टीम का हिस्सा है, जिसका इस्तेमाल सेना में प्रशिक्षण के लिए किया जाता है।
सूर्यकिरण विमान एयरफोर्स की एयरोबेटिक्स टीम का हिस्सा है , जिसका इस्तेमाल सेना में प्रशिक्षण के लिए किया जाता है। इसकी रफ्तार 450 से 500 किलोमीटर तक होती है।
करतब के दौरान हो जाते है हादसे
सूर्यकिरण टीम की ओर से हैरतअंगेज करतब दिखाने के दौरान कई बार हादसे हो जाते है। मार्च 2006 में बीदर के निकट अभ्यास के दौरान एक विमान क्रैश हो गया था। इस हादसे में विंग कमांडर धीरज भाटिया और स्क्वाड्रन लीडर शैलेन्द्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी तरह जनवरी 2009 में बीदर में ही एक प्रदर्शन के दौरान विंग कमांडर आरएस धालीवाल का विमान क्रैश हो गया था।
बहुत मुश्किल से होता है चयन
एयर फोर्स की ब्रांड एम्बेसडर बन चुकी सूर्य किरण टीम में सिर्फ 13 पायलट होते हैं। इनके चयन के मापदंड बहुत ऊंचे हैं। सिर्फ लड़ाकू फाइटर जेट उड़ाने वाले पायलट ही इसमें चुने जाते हैं। प्रत्येक पायलट को कम से कम 2000 घंटों की उड़ान का अनुभव होना अनिवार्य होता है। साथ ही 1000 घंटे तक सूर्यकिरण विमान उड़ाने का अनुभव भी होना चाहिए। सभी पायलट विमान प्रशिक्षक होने चाहिए। इस टीम में उनकी नियुक्ति तीन साल के लिए होती है।
राफेल विमानों का भी प्रदर्शन होगा
यह एयर शो 20 फरवरी से 24 फरवरी तक चलेगा। इसमें फ्रांस से हाल ही में आए तीन राफेल विमानों का भी प्रदर्शन किया जाएगा। इन्हें डिप्टी चीफ एयर मार्शल विवेक चौधरी और वायुसेना के अन्य अफसर उड़ाएंगे।
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