भारतीय नौसेना में शामिल होगा विध्वंसक युद्धपोत मोरमुगाओ
आज मुंबई में कार्यक्रम का आयोजन
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह युद्धपोत को भारतीय नौसेना को सौंपेंगे
नेशनल डेस्क: भारतीय नौसेना में आज विध्वंसक युद्धपोत मोरमुगाओ को शामिल किया जाएगा। मोरमुगाओ को भारतीय नौसेना में शामिल करने के लिए आज मुंबई में कार्यक्रम का आयोजन किया गया है जिसमें रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आधुनिक सेंसर और रडार की सुविधा से लैस इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना को सौंपेंगे।

हिंद महासागर में हाल के दिनों में चीन ने अपनी गतिविधियां बढ़ा रखी हैं और ऐसे में इस युद्धपोत के भारतीय नौसेना में शामिल करने के कदम को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस युद्धपोत के जरिए भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ जाएगी।

दुश्मन सेना को नहीं लग सकेगी भनक
भारतीय नौसेना के पास पहले से ही कई जंगी जहाज हैं मगर आईएनएस मोरमुगाओ को जंगी जहाजों के बेड़े में सबसे सक्षम माना जा रहा है। इसके साथ ही इस युद्धपोत को आधुनिक हथियारों से लैस भी किया गया है। इस युद्धपोत की बाहरी परत का निर्माण स्पेशल स्टील से किया गया है।

रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना के वार्षिक डिजाइन ब्यूरो की ओर से डिजाइन किया गया है। मुंबई के मझगांव डॉकयार्ड पर आईएनएस मोरमुगाओ का निर्माण किया गया है। रक्षा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना में शामिल किए जाने के बाद उसकी ताकत में तीन गुना बढ़ोतरी होगी।

युद्धपोत की खूबियां
- आईएनएस मोरमुगाओ की लंबाई 163 मीटर और चौड़ाई 17 मीटर है। इसका वजन 7,400 टन है।
- आईएनएस मोरमुगाओ को चार शक्तिशाली गैस टरबाइनों के जरिए ऊर्जा हासिल होगी।
- आईएनएस मोरमुगाओ पर जैविक और रासायनिक युद्ध के समय में भी बचाव करने में सक्षम है।
- आईएनएस मोरमुगाओ 30 समुद्री मील की अधिक की गति से चलने में सक्षम है।
- आईएनएस मोरमुगाओ को 127 मिलीमीटर गन से लैस लैस किया गया है।
- आईएनएस मोरमुगाओ 300 किलोमीटर दूर से लक्ष्य को भेदने में पूरी तरह सक्षम है।
- आईएनएस मोरमुगाओ पर एके-630 एंटी मिसाइल गन सिस्टम भी लगा हुआ है।
- आईएनएस मोरमुगाओ दुश्मन सेनाएं रडार के जरिए इसकी लोकेशन का पता लगाने में कामयाब नहीं हो सकेंगी।
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