पीएम शहबाज शरीफ ने आतंकवाद पर दिया बयान
पाकिस्तान में आतंकवाद को हराने का संकल्प लिया गया
देश की आर्थिक और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया
(इन्टरनेशनल डेस्क) पाकिस्तान के शीर्ष नागरिक एवं सैन्य अधिकारियों ने देश में “आतंकवाद की हालिया लहर” को परास्त करने का संकल्प लिया और चेतावनी दी कि किसी को भी राष्ट्रीय सुरक्षा की अहम धारणा को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।.पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश में बढ़ते आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने की रणनीति पर चर्चा के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा समिति की बैठक बुलाई थी. एनएससी देश की सुरक्षा संबंधी निर्णय लेने वाला सर्वोच्च निकाय है.
अधिकारियों के अनुसार बैठक में देश की अर्थव्यवस्था और कानून व्यवस्था की स्थिति की भी व्यापक समीक्षा की गई.जिसमें सेना प्रमुखों, खुफिया प्रमुखों और संघीय मंत्रियों ने भाग लिया। द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यह बैठक प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान द्वारा इस्लामाबाद के साथ संघर्षविराम को समाप्त करने की घोषणा करने और सुरक्षा बलों पर हमले तेज करने के बाद हुई है, खासकर खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान में। बयान में कहा गया कि बैठक के दौरान प्रतिभागियों ने देश की आर्थिक और सुरक्षा स्थिति का जायजा लिया।

आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि बैठक में प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ताजा खतरे का मुकाबला करने के तौर-तरीकों पर चर्चा होगी, जिसने नवंबर के बाद से सुरक्षा बलों पर हमले बढ़ा दिए हैं, जब उन्होंने पाकिस्तान सरकार के साथ संघर्ष विराम समाप्त कर दिया था।
बैठक में आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपनी मिट्टी के उपयोग को समाप्त करने में अंतरिम तालिबान सरकार की विफलता के आलोक में अफगानिस्तान से सीमा पार हमलों के बार में भी चर्चा की जाएगी। यह बैठक 254वें कोर कमांडर्स सम्मेलन के कुछ दिनों बाद हो रही है, जिसमें शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने आतंकवाद को हराने का संकल्प लिया था।सेना ने सम्मेलन के बाद एक बयान में कहा था, ‘बैठक में कमांडरों द्वारा सेना के पेशेवर और संगठनात्मक मामलों की व्यापक समीक्षा की गई। आतंकवादियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के लड़ने और पाकिस्तान के लोगों की आकांक्षाओं के अनुसार इस खतरे को खत्म करने का संकल्प लिया गया।’

पाकिस्तान के बलूचिस्तान में प्रांतीय सरकार ने इस सप्ताह के दौरान प्रदर्शनकारियों के साथ हुए हिंसक संघर्ष में एक पुलिसकर्मी की मौत के बाद बंदरगाह शहर ग्वादर में विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगाने के साथ कर्फ्यू लागू कर दिया है.मौलाना हिदायतुर रहमान के नेतृत्व में हक दो तहरीक नामक संगठन से जुड़े प्रदर्शनकारी लगभग दो महीने से स्थानीय मछुआरों की जगह मशीनीकृत नौकाओं के जरिए अवैध रूप से मछली पकड़ने के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं.

इस इलाके के स्थानीय मछुआरे अपनी आजीविका के लिए पीढ़ियों से मछली पकड़ने के व्यापार पर निर्भर हैं. आमतौर पर शांतिपूर्ण रहा विरोध प्रदर्शन इस हफ्ते हिंसक हो गया जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, जिसके परिणामस्वरूप झड़पें हुईं, जिसमें मंगलवार को एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई.
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