नवरात्र में 9 दिन और 9 कन्याओं की पूजा
अंक 9 का मानव जीवन से अटूट संबंध है
देवी के नौ स्वरूप और उनकी ऊर्जाएं भी 9 हैं
Navratri 2022: हिंदू धर्म में संख्याओं का विशेष महत्व है। चाहे भगवान को फल अर्पित करने हो चाहे ग्रहों की बात करें और चाहे नवरात्र में 9 दिन और 9 कन्याओं की संख्या देख लें। हर कर्म के पीछे एक वजह होती है। असल में भारतीय संस्कृति में अंक 9 की बहुत महत्व है। या सीधे कहा जाए तो अंक 9 का मानव जीवन से अटूट संबंध है। संख्या मात्र ये अंक 9 मानव जीवन को बहुत ज्यादा गहराईयों तक प्रभावित करता है। इस अंक के बारे में हिंदू शास्त्रों में वर्णन है। आइए आपको अंक 9 से जुड़े कुछ खास रोचक तथ्यों को बताते हैं।
नवरात्रि में अंक 9 का संबंध और जिंदगी पर इससे पड़ने वाल प्रभाव
पहले बात करते हैं नवरात्रि से, तो नवरात्रि शब्द दो शब्दों से मिलकर बना है जिसमें दो शब्द हैं एक नव यानी कि नौ और दूसरा रात्रि यानी रात। मतलब ये हुआ कि नवरात्रि 9 रातों का त्योहार है। इसलिए नवरात्रि का त्योहार 9 रात्रियों में किए जाने की परंपरा है। अब ग्रहों की बात कर लें तो ज्योतिष शास्त्र में 9 ग्रहों की बहुत महत्ता है। इन 9 ग्रहों का सीधा संबंध मां दुर्गा के 9 स्वरूपों से है। इसके अलावा भौतिक ऊर्जाएं भी 9 ही हैं। वो इसलिए कि यह उनका ही विकार है।
ऐसे में धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक, सृष्टि की आकृति जिन भौतिक ऊर्जाओं के आधार पर बनती है, वह भौतिक ऊर्जाएं भी 9 तरह की ही हैं। जिसमें 9वीं ऊर्जा ग्रह-नक्षत्र है। सोचने वाली बात ये भी है कि एक स्त्री के गर्भ धारण करने से लेकर बच्चे को जन्म देने की अवधि 9 महीने की होती है। गर्भावस्था की पूरी प्रक्रिया 9 महीने तक ही चलती है। इसके बाद स्त्री एक सुंदर और सुयोग्य बच्चे का जन्म देती है। तभी तो मां को ईश्वर के एक बेहद खूबसूरत स्वरूप कहा गया है।
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