पाकिस्तान के कंगाल होने की क्या है बड़ी वजह,
श्रीलंका जैसा हो रहा पाक का हाल
पाकिस्तानी रूपया में भारी गिरावट
Pakistan Economy Crisis. पाकिस्तान की गिरती आर्थिक सेहत दुनियाभर के मीडिया संस्थानों में हेडलाइन बन रहे हैं। दुनिया का एकमात्र परमाणु शक्ति संपन्न इस्लामिक देश अभूतपूर्व आर्थिक संकट के दौर से गुजर रहा है। कर्ज के दलदल में धंसे पाकिस्तान की मदद करने में अमीर खाड़ी देश और इंटरनेशनल एजेंसियां आनाकानी कर रही है, जिससे संकट और गहरा गया है। देश का विदेशी मुद्रा भंडार तेजी से कम हो रहा है। नकदी संकट का सामना कर रहे पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका लगा है। उसकी मुद्रा में जबरदस्त गिरावट आई है।
पाकिस्तानी रूपया में भारी गिरावट
पाकिस्तानी करेंसी में भारी गिरावट दर्ज की गई है। 1 अमेरिकी डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रूपया 255 रूपये तक गिर गया है। 25 जनवरी को ये 230 रूपये के आसपास था। लेकिन गुरूवार को बाजार खुलते ही इसमें बड़ी टूट दर्ज की गई। मीडिय़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, वर्तमान में पाकिस्तानी मुद्रा अपने सबसे निचले स्तर पर है। हालात के मुताबिक फिलहाल इसके सुधरने की जल्द कोई उम्मीद नहीं दिखती। ऐसे में करेंसी और गोते लगा सकता है।

अपने इतिहास के सबसे कठिन आर्थिक संकट का सामना कर रहा पाकिस्तान दुनिया के धनी देशों का दरवाजा मदद के लिए खटखटा चुका है। इनमें उसका सदाबहार दोस्त चीन, शीत युद्ध के जमाने से दोस्त रहा अमेरिका और सऊदी अरब, यूएई जैसे मुस्लिम राष्ट्र भी हैं। इनमें से अभी तक किसी ने खुलकर मदद करने की बात नहीं कही है। लिहाजा पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष के उन कठिन शर्तों को मानने के लिए मजबूर है जो एजेंसी द्वारा पाकिस्तान के सामने शर्त के तौर पर रखी गई है।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने एक बयान में कह चुके हैं कि उनकी सरकार 6 अरब डॉलर के वित्तीय पैकेज के लिए आईएमएफ की कठिन शर्तों को मानने के लिए तैयार है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार के इस कदम का पाकिस्तानी करेंसी पर नकारात्मक असर पड़ा है। पाकिस्तानी रूपये में आई गिरावट के पीछे इसे ही जिम्मेदार माना जा रहा है।

पाकिस्तान में इन दिनों लोगों के पास आटा-दाल खरीदने के पैसे तक नहीं हैं। सबसे अधिक प्रभावित गरीब और लोअर मीडिल क्लास है, जिसकी बड़ी आबादी है। इसके अलावा मीडिल क्लास को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा रहा है। मुल्क का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर 4.1 अरब डॉलर रह गया है। जरूरी सामानों का पाकिस्तान के विभिन्न बंदरगाहों पर अंबार लग गया है लेकिन सरकार के पास भुगतान के पैसे नहीं हैं। पाकिस्तान में इस समय में खाने-पीने की चीजों के अलावा पेट्रोल-डीजल और कुकिंग गैस की भारी किल्लत है। चीजों के दाम आसमान छू रहे हैं। बिजली की कमी ने संकट और भीषण बना दिया है।
पाकिस्तान की मौजूदा स्थिति एशिया के एक अन्य देश श्रीलंका में पिछले साल आई भयानक आर्थिक संकट की याद दिला रही है। आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि जल्द पाकिस्तान में हालत नहीं सुधरे तो उसकी स्थिती श्रीलंका जैसी होनी तय है।
akhabaarwala Hindi News, Breaking News, हिन्दी समाचार, हिंदी न्यूज़ 