- पितृ पक्ष में पौधों का है अधिक महत्व
- पौधों को लगाना से मिलती है पूर्वजों की कृपा
धर्म डेस्क: न केवल प्रकृति बल्कि सनातन धर्म में भी पेड़ पौधों का अधिक महत्व है। इसके साथ ही वास्तु शास्त्र और ज्योतिष शास्त्रों में भी पेड़ पौधों को सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने वाला माना जाता है। मगर क्या आप जानते हैं पितृ पक्ष में पौधे लगाना बहुत महत्व रखता है। जी हां, आपको जानकर शायद हैरानी होगी लेकिन कहा जाता है कि पितरों व आत्माओं का वास होता है, जिस कारण ऐसी मान्यताएं कि इस दौरान जो व्यक्ति शुभ प्रभाव व ऊर्जा देने वाले वृक्ष लगाता है व उनकी उपासना करता है, उन्हें पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पहला वृक्ष-पीपल
पितृ पक्ष में इसकी उपासना करना या इसे लगाना विशेष शुभ होता है, इसके नीचे दीपक जलाने से या इसमें जल डालने से पितृ प्रसन्न होते हैं।
दूसरा वृक्ष-बरगद
अगर आयु की समस्या हो तो बरगद का वृक्ष लगाना चाहिए। अगर ऐसा लगता है कि पितरों की मुक्ति नहीं हुई है तो बरगद के नीचे बैठकर शिव जी की पूजा करनी चाहिए।
तीसरा वृक्ष-बेल
अमावस्या के दिन शिव जी को बेल पत्र और गंगाजल अर्पित करने से सभी पितरों को मुक्ति मिलती है। बेलपत्र पर चन्दन लगाकर शिव जी को अर्पित करने से डरावने या पितरों के सपने नहीं आते
चौथा वृक्ष-अशोक
अशोक का वृक्ष घर के मुख्य द्वार पर लगाने से घर में नकारात्मक उर्जा नहीं आती।
पांचवां वृक्ष/पौधा-तुलसी
अगर पितृ पक्ष में तुलसी का पौधा लगाकर उसकी देखभाल की जाय तो पितरों को निश्चित मुक्ति मिलती है। तुलसी के पौधे में नियमित जल देने से पितरों को तृप्ति मिलती है।
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