बसपा प्रमुख मायावती का सीएम योगी पर तंज
‘आसमान छूती महंगाई से लोग दुखी, त्रस्त हैं’
‘जनसंख्या नियंत्रण एक दीर्घकालीन विषय है’
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर विपक्ष लगातार हमलावर होते जा रहा है। पहले उनके बयान पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने विरोध जताया था। अब वहीं बसपा प्रमुख मायावती ने ट्वीट कर विरोध जताया है। मायावती ने इसे लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश करार दिया है। मायावती ने कहा कि भाजपा के लोग विवादित मुद्दे खोजकर देश की वास्तविक समस्याओं से भाग रहे है। इससे देश का भला कैसे हो सकता है। इस ट्वीट में बसपा प्रमुख ने महंगाई, गरीबी और बेरोजगारी का भी मुद्दा उठाया है।
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1. ऐसे समय में जब आसमान छूूती महंगाई, अति गरीबी व बढ़ती बेरोजगारी आदि के अभिशाप से परिवारों का जीवन दुखी, त्रस्त व तनावपूूर्ण है तथा वे स्वंय ही अपनी सभी जरूरतों को सीमित कर रहे हैं, तब जनसंख्या नियंत्रण जैसे दीर्घकालीन विषय पर लोगों को उलझाना भाजपा की कौन सी समझदारी है?
— Mayawati (@Mayawati) July 13, 2022
मायावती ने ट्वीट कर कहा कि ऐसे समय में जब आसमान छूती महंगाई, अति गरीबी और बढ़ती बेरोजगारी आदि के अभिशाप से परिवारों का जीवन दुखी, त्रस्त और तनावपूर्ण है तथा वे स्वयं ही अपनी सभी जरूरतों को सीमित कर रहे हैं। तब जनसंख्या नियंत्रण जैसे दीर्घकालीन विषय पर लोगों को उलझाना भाजपा की कौन सी समझदारी है? वहीं बसपा सुप्रीमो ने दूसरे ट्वीट में कहा कि जनसंख्या नियंत्रण दीर्घकालीन नीतिगत मुद्दा है, जिसके प्रति कानून से कहीं ज्यादा जागरुकता की जरूरत है। लेकिन, भाजपा सरकारें देश की वास्तविक प्राथमिकता पर समुचित ध्यान देने के बजाय भटकाऊ और विवादित मुद्दे ही चुन रही हैं तो ऐसे में जनहित और देशहित का सही से कैसे भला संभव? जनता दुखी और बेचैन है।

वहीं इससे पहले समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सीएम योगी उस बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि अराजकता आबादी से नहीं बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की बरबादी से उपजती है। बता दें कि विश्व जनसंख्या दिवस पर सीएम योगी ने कहा था, जनसंख्या नियंत्रण कानून आगे बढ़े लेकिन जनसांख्यिकी असंतुलन की स्थिति पैदा नहीं होने पाये। ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी एक वर्ग की जनसंख्या वृद्धि का प्रतिशत अधिक हो जबकि मूल निवासी अपनी जनसंख्या के नियंत्रण पर काम करते रहे।
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