बिहार के कानून मंत्री कार्तिक के विभाग में बदलाव
अब बनाया गन्ना उद्योग मंत्री
वारंट के विवादों के चलते किया गया फेरबदल
नेशनल डेस्क: बिहार सरकार के कानून मंत्री कार्तिक कुमार का विभाग बदल दिया गया है। वारंट के विवादों में चल रहे नीतीश कैबिनेट के कानून मंत्री कार्तिक कुमार को अब गन्ना उद्योग मंत्री बनाया गया। वहीं गन्ना उद्योग मंत्री शमीम अहमद को कानून मंत्री बनाया गया है। आरजेडी के विधान परिषद सदस्य कार्तिक कुमार पटना स्थानीय निकाय से 2022 में एमएलसी बने।

बता दें कि मोकामा के रहने वाले कार्तिक शिक्षक भी रह चुके हैं इसकी वजह से समर्थकों के बीच ‘कार्तिकेय मास्टर’ के नाम से मशहूर हैं। कार्तिक, पूर्व विधायक अनंत सिंह के करीबी माने जाते हैं। अनंत सिंह भी इन्हें मास्टर साहब कहकर बुलाते हैं। कार्तिक के खिलाफ 4 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 3 गंभीर धाराओं समेत 23 धाराओं में केस दर्ज है।
कार्तिकेय के खिलाफ मामला क्या है?
दरअसल, साल 2014 में एक शख्स का अपहरण हुआ था। इस मामले में बिहार के नए कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह भी आरोपी हैं। उनके खिलाफ अदालत ने वारंट जारी किया है। उन्हें 16 अगस्त को पेश होना था लेकिन वे उस दौरान शपथ ले रहे थे। कार्तिकेय सिंह ने अभी तक ना तो कोर्ट के सामने सरेंडर किया है ना ही जमानत के लिए अर्जी दी है। कोर्ट ने अब इस मामले में सुनवाई की अगली तारीख एक सितंबर को दे दी है।

कानून मंत्री बनने के बाद जारी हुआ वारंट
कार्तिक कुमार उस वक्त सुर्खियों में आए जब कानून मंत्री बनते ही उनके खिलाफ वारंट जारी हो गया था, जिस पर बीजेपी ने जमकर निशाना साधा था। इसके बाद एक ओर जहां सीएम नीतीश कुमार ने कहा था कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है तो वहीं राजद ने भी सफाई दी थी। आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा था कि अपराध, भ्रष्टाचार के खिलाफ महागठबंधन सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति है। न बेवजह किसी को फंसाया जाएगा और न किसी दोषी को बचाया जाएगा।

आरजेडी प्रवक्ता शक्ति यादव ने कहा था कि मंत्री कार्तिकेय कुमार दोषी पाए जाएंगे तो सरकार कार्रवाई करेगी। आरोप लगाने और साबित करने में अंतर होता है। उन्होंने कहा कि कार्तिकेय कुमार पर अपहरण का केस है। वह कोर्ट में नहीं गए इसलिए वारंट जारी हुआ।
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