- Sudarshan TV को लेकर SC ने कड़ा रुख अख्तियार किया
- दो दिन प्रसारण रोकने के दिए निर्देश
- SC ने किसी एक समुदाय पर निशाना साधे को बताया गलत
नेशनल डेस्क: सुप्रीम कोर्ट ने दो दिन के लिए सुदर्शन न्यूज के ‘बिंदास बोल’ कार्यक्रम को प्रसारित नहीं करने के निर्देश दिये हैं। जबकि चैनल के वकील श्याम दीवाना ने SC से आज और कल के एपिसोड को न रोकने की अपील की थी। इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को होगी। दरअसल, चैनल के कार्यक्रम ‘बिंदास बोल’ में नौकरशाही में मुसलमानों की कथित घुसपैठ को लेकर प्रसारण किया गया था।

जिसको लेकर SC ने कहा, ”कार्यक्रम में कई तथ्यात्मक गलतियां हैं। UPSC में मुसलमानों की आयु सीमा 35 रखने का, परीक्षा के ज़्यादा मौके का गलत दावा किया गया। हमें लगता है कि कार्यक्रम के ज़रिए मुसलमानों को निशाना बनाया जा रहा है।”
SC ने सुझाव के लिए सदस्यीय कमिटी का रखा प्रस्ताव
इस मामले में SC ने प्रस्ताव दिया कि मीडिया की भूमिका पर विचार कर सुझाव देने के लिए गणमान्य नागरिकों की एक 5 सदस्यीय कमिटी बनाई जाए, जिसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के किसी पूर्व जज या हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस करें। 17 सितंबर को इस पहलू पर भी सुनवाई होगी।
बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब SC ने सुदर्शन टीवी के कार्यक्रमों पर सवाल उठाया हो। दरअसल, एक बार पहले भी SC ने सुदर्शन टीवी के ‘UPSC जिहाद’ कार्यक्रम को समाज मे बंटवारा करने वाला कहा था। लेकिन इस पर चैनल के वकील ने इसे खोजपरक पत्रकारिता का नाम दिया था। जिसको ल कोर्ट ने कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता बेलगाम नहीं हो सकती। इसके लिए कुछ नियम बनाए जाने ज़रूरी हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि किसी विदेशी संगठन की कथित साज़िश पर खबर चलाना अलग बात है। लेकिन पूरे समुदाय को साज़िश में शामिल कैसे किया जा सकता है?
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