यूपी में एयर क्वालिटी इंडेक्स बेहद खराब
लखनऊ में 201 से 300 के बीच AQI
नोएडा में AQI पहुंची 362
यूपी डेस्क: उत्तर भारत के तमाम बड़े शहर इन दिनों वायु प्रदूषण से जूझ रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में स्थिति काफी बदतर है। वहीं, दिल्ली से सटे पश्चिमी यूपी के अधिकांश शहरों की आबोहवा भी जहरीली हो चुकी है। प्रशासन की तरफ से लगातार पराली जलाने और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर शिकंजा कसा रहा है। तब भी हालात में उल्लेखनीय सुधार नहीं हो रहा।

लखनऊ में एयर क्वालिटी इंडेक्स
उत्तर प्रदेश में भी हवा काफी प्रदूषित हो गई है। बात करें यूपी की राजधानी लखनऊ की ही बात करें, तो शहर के अधिकतर इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स 201 से 300 के बीच है, जो कि खराब श्रेणी में आता है। क्षेत्रवार देखें तो तालकटोरा इलाके का औसत एक्यूआई शुक्रवार सुबह सात बजे तक 285 दर्ज किया गया। वहीं, लालबाग में 292, सेंट्रल स्कूल में 232 और बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में 220 एक्यूआई दर्ज किया गया। जबकि गोमती नगर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 156 दर्ज किया गया है, जो कि मध्यम श्रेणी में आता है।

एनसीआर में आने वाले यूपी के जिले
दिल्ली से सटे नोएडा के अधिकतर इलाके में वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में है। सबसे खराब स्थिति नोएडा सेक्टर 16 की है, जहां एक्यूआई 362 यानी बहुत खराब दर्ज किया गया है। वहीं, ग्रेटर नोएडा में भी एक्यूआई 300 के पार जा चुका है। एनसीआर के एक अन्य जिले गाजियाबाद में वायु प्रदूषण का स्तर नोएडा से भी अधिक है। गाजियाबाद के ज्यादातर इलाकों में एक्यूआई 300 के पार दर्ज किया है, जो कि बहुत खराब श्रेणी के अंतर्गत आता है। वसुंधरा में एक्यूआई सबसे अधिक 328 दर्ज किया गया है।

मध्यम एक्यूआई वाले शहर
वाराणसी, प्रयागराज, गोरखपुर, आगरा और वृंदावन की आबोहवा फिलहाल ज्यादा बिगड़ी नहीं है। यहां का एयर क्वालिटी इंडेक्स 101 से 200 के बीच दर्ज किया गया है, जो कि मध्यम श्रेणी में आते हैं।
‘खराब’ श्रेणी में आने वाले शहर
कानपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर में वायु गुणवत्ता सूचकांक 201 से 300 के बीच दर्ज किया गया है, जो कि ‘खराब’ श्रेणी के अंतर्गत आते हैं।

बता दें कि वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 0 से 100 के बीच अच्छा माना जाता है। जबकि 100 से 200 के बीच मध्यम, 200 से 300 के बीच खराब, 300 से 400 के बीच बहुत खराब और 400 से 500 या इससे ऊपर के स्तर को गंभीर माना जाता है।
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