यूक्रेन में रॉयटर्स के 2 पत्रकार घायल
रूसी सेना के हमले में ड्राइवर की मौतॉ
सोमवार को फ्रांसीसी पत्रकार की हुई थी मौत
नेशनल डेस्क: रूस और यूक्रेन के बीच जंग को 100 दिन से ज्यादा बीत गया है, लेकिन अब तक कोई नतीजा नहीं निकल सका है। युद्ध में रूस की सेना सिर्फ यूक्रेन की सेना को ही नहीं, बल्कि आम लोगों को भी लगातार शिकार बनाती जा रही है।
रॉयटर्स के पत्रकारों पर हमला
वहीं, अब यूक्रेन जंग में अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स के लिए काम करने वाले दो पत्रकार शुक्रवार को पूर्वी यूक्रेन में मामूली रूप से घायल हो गए और उनके चालक की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार रॉयटर्स समाचार एजेंसी के फोटोग्राफर अलेक्जेंडर एर्मोचेंको और कैमरामैन पावेल क्लिमोव रूसी समर्थित बलों द्वारा प्रदान की गई कार में पूर्वी शहर सिविएरोडोनेट्सक की यात्रा कर रहे थे, तब उन पर गोली चलाई गई। गोली लगने से मामूली चोटें आईं है, लेकिन चालक की मौत हो गई। चालक की तत्काल पहचान नहीं हो पाई।
रॉयटर्स वाहन चालक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है।” वहीं, एर्मोचेंको को छर्रे घाव का सामना करना पड़ा और क्लिमोव का हाथ फ्रैक्चर हो गया। उनका इलाज रुबिजने के एक अस्पताल में किया गया।
सोमवार को फ्रांसीसी पत्रकार की हुई थी मौत
वहीं, बीते सोमवार को पूर्वी यूक्रेन में फ्रांसीसी पत्रकार फ्रेडरिक लेक्लेर-इमहॉफ की मौत हो गई थी, जबकि एक मानवीय बस में सवार नागरिक रूसी बमबारी से भाग रहे थे। उन्होंने फ्रेंच बीएफएम टेलीविजन समाचार चैनल के लिए काम किया।
अब तक 8 पत्रकारों की मौत
फरवरी के अंत में रूस के आक्रमण की शुरुआत के बाद से रिपोर्टर्स विदाउट बॉर्डर्स, एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया वकालत समूह, का कहना है कि यूक्रेन संघर्ष पर रिपोर्टिंग करते समय कम से कम आठ पत्रकार मारे गए हैं।
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