आज सावन महीने का तीसरा सोमवार
भोलनाथ संग गणेश पूजन से मिलेगा विशेष लाभ
आज सावन के तीसरे सोमवार पर बना है खास संयोग
Sawan Ka Tisra Somwar: भगवान भोलेशंकर को पूर्ण रूप से समर्पित माने जाने वाला महीना सावन चल रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ये महीना भगवान् शिव को बेहद प्रिय है। इसलिए भोलेनाथ के भक्त इस महीने के दिनों में अपने आराध्य की विशेष पूजा करते हैं। पौराणिक मान्यताओं की मानें तो इस मास में जो भी सच्ची श्रद्धा और भावना के साथ भगवान् शिव की पूजा करता है भोलेनाथ उनकी मनोकामनाएं जरूर पूर्ण करते हैं। सावन मास शुक्रवार 12 अगस्त को समाप्त हो रहा है।
आज सावन के तीसरे सोमवार पर बना है खास संयोग
हिन्दू पंचांग के अनुसार आज यानी 1 अगस्त 2022 को सावन का तीसरे सोमवार के साथ विनायक चतुर्थी भी मनाई जा रही है। इतना ही नहीं इस दिन शिव योग और रवि योग का संयोग भी बनकर इस दिन को बेहद ख़ास बना रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज भोलेनाथ के साथ संकटहर्ता श्री गणेश जी की भी पूजा- अर्चना करने से व्यक्ति को विशेष लाभ की प्राप्ति होगी। मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान् गणेश का पूजन और व्रत रखने से सभी प्रकार की आ रही बाधाएं टलकर जीवन सुखमय बन जाता है। साथ ही सावन सोमवार के दिन शिवजी की सच्चे हृदय से आराधना से सभी प्रकार की मनोकामनाये पूर्ण हो जाने के साथ सुख – समृद्धि और शांति की भी प्राप्ति होती है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण होती है। आज का ये और भी ज्यादा ख़ास बन गया है क्योंकि ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, आज यानी सावन के तीसरे सोमवार को कई तरह के शुभ संयोग बनने से इस दिन का महत्व काफी ज्यादा बढ़ गया है। इसके अलावा इस सोमवार को कुछ विशेष संयोग का निर्माण होने के साथ ही दो शुभ योग भी बन रहें हैं। इन अद्भुत संयोगों और शुभ योगों के कारण यह सोमवार बेहद विशिष्ट बन गया है। धर्मशास्त्रियों की मानें तो इस विशिष्ट संयोग में सावन सोमवार के व्रत और पूजन से भक्तों के सारे पाप कटने के साथ ही किसी प्रकार के संकट भी दूर हो जायेंगे।
सावन सोमवार व्रत में ये खाना माना जाता है वर्जित
जो भी भक्त लोग सावन के महीने में सोमवारी का व्रत रखते हैं। उनके लिए व्रत वाले दिन गेहूं, सूजी के आटे, लाल मिर्च, सादा नमक, तेल, मसालेदार और तली भुनी चीजों आदि का भी सेवन करना वर्जित माना जाता है। इसके अलावा हिन्दू धर्म में पूरे सावन मास में मांस, मदिरा, बैंगन, कॉफी, दही आदि का भी भूलकर सेवन नहीं करना चाहिए।
फलहारी भोजन
जो भी भक्त सावन में सोमवारी का व्रत करते हैं उन्हें शिव जी का जलाभिषेक और पूजन करने के बाद जल ग्रहण करके चाय, मूंगफली, डॉयफ्रुइट्स या भुना मखाना आदि का सेवन कर सकते है।
सावन के तीसरे सोमवार के शुभ मुहूर्त
- अगस्त 1 सुबह 04 बजकर 18 मिनट से – चतुर्थी तिथि का प्रारंभ।
- अगस्त 2 सुबह 5 बजकर 13 मिनट पर चतुर्थी तिथि की समाप्ति।
- जुलाई 31 की शाम 07 बजकर 11 मिनट से 1 अगस्त शाम 07 बजकर 03 मिनट तक परिघ योग।
- अगस्त 1 की शाम 07 बजकर 03 मिनट से 2 अगस्त शाम 6 बजकर 37 मिनट कर शिव योग।
- अगस्त 1 को सुबह 5 बजकर 42 मिनट से शाम 4 बजकर 6 मिनट तक रवि योग।
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