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डोनाल्ड ट्रंप और शी जिनपिंग के बीच छिड़ी जुबानी जंग,तनाव की गुंज संयुक्त राष्ट्र संग तक पहुँची

  • अमेरिका और चीन के बीच चले शब्दों के तीखे बाण
  • संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में साधा निशाना 
  • चीन के बयान पर ट्रंप की बड़ी प्रतिक्रिया 

नेशनल डेस्क : संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ में महासभा का सबसे बड़ा आयोजन होता है, जिसमें दुनियाभर से 193 सदस्यों के सभी बड़े नेता शामिल होते है। इस बार कोरोना की वजह से नेताओं के रिकॉर्डेड भाषण हो रहे थे। 

          संयुक्त राष्ट्र की बैठक में अमेरिका और चीन के बीच की तल्खियाँ साफ नज़र आ रही थी। दोनों देशों के राष्ट्रपति के बयानों में भी एक-दूसरे के प्रति तनाव साफ दिख रहा था। जिसको लेकर दूसरे देशों के नेताओं ने कोरोना काल में इस तनाव पर चिंता जाहिर की।बता दें कि चीन बनाम अमेरिका के बीच यह शब्द बाण यूएन की 75वीं वर्षगांठ पर एक- दूसरे पर छोड़े जा रहे थे। 

जिनपिंग ने ऐसा क्या कहा कि ट्रंप भड़क उठे

संयुक्त राष्ट्र संघ की बैठक में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कोरोना पर बात करते हुए कहा, “कोविड-19 हमें याद दिलाता है कि आर्थिक ग्लोबलाइजेशन एक निर्विवाद वास्तविकता और ऐतिहासिक प्रवृत्ति है। शुतुरमुर्ग की तरह रेत में सिर घुसाना या बदलाव के पुराने तरीके इतिहास की प्रवृत्ति के खिलाफ जाते हैं। हमें साफ पता होना चाहिए कि दुनिया कभी भी अलगाव में नहीं लौटेगी और कोई भी देशों के बीच संबंधों को नहीं बदल सकता है।”

 

अमेरिका राष्ट्रपति ने किया पलटवार, चीन को किया तार-तार

ट्रंप ने संयुक्त राष्ट्र में चीनी राष्ट्रपति के बयान का जवाब देते हुए कोरोना को ‘चीनी वायरस’ कहा। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, ”हमने अदृश्य दुश्मन, ‘चीनी वायरस’ के खिलाफ एक जबरदस्त लड़ाई छेड़ दी है, जिसने 188 देशों में अनगिनत जिंदगियों को खत्म कर दिया है।”

ट्रंप ने कोरोना के लिए चीन को ठहराया ज़िम्मेदार

उन्होंने कहा, ”चीन ने घरेलू उड़ाने बंद कर दीं जबकि अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों चलने दीं ताकि कोरोना दुनिया को संक्रमित कर सके। मैंने ट्रैवल बैन लगाया, तो उन्होंने मेरी निंदा की पर उन्होंने अपने लोगों को घरों में कैद कर दिया।”

ट्रंप ने आगे कहा, ”चीनी सरकार और विश्व स्वास्थ्य संगठन, जो चीन द्वारा नियंत्रित है, दोनों ने झूठी घोषणा कि ये इंसानों में नहीं फैलता। उन्होंने झूठ कहा कि बिना लक्षणों वाले लोग कोरोना नहीं फैलाते। UN को चीन की हरकतों के लिए उसे जवाबदेह ठहराना चाहिए।”

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