अडाणी समूह का बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर से भी अधिक गिर चुका है
शेखावत ने एक फरवरी को पेश वित्त वर्ष 2023-24 के बजट की तारीफ की
मेहनत का परिणाम है कि हम आज दुनिया के 10 सबसे बड़े निर्यातक बन गए हैं
नई दिल्ली। शेखावत ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में अडाणी प्रकरण का भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में पूछने पर कहा कि मुझे लगता है कि एक निजी कंपनी के शेयर का भारत की अर्थव्यवस्था पर शायद ही कोई लेना-देना होता होगा। पहले भी कंपनी के शेयर में उतार-चढ़ाव होता रहा है।
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उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इसके शेयरों में आ रही गिरावट बाजार की एक सामान्य प्रक्रिया है। अमेरिकी फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट में अडाणी समूह पर अपने शेयरों के दाम गलत तरीके से बढ़ाने के आरोप लगाए जाने के बाद शेयरों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
पिछले दस दिनों में अडाणी समूह का बाजार पूंजीकरण 100 अरब डॉलर से भी अधिक गिर चुका है। हालांकि अडाणी समूह ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि उसने सभी कानूनों और नियामकीय प्रावधानों का पालन किया है। इस बीच,शेखावत ने एक फरवरी को पेश वित्त वर्ष 2023-24 के बजट की तारीफ करते हुए इसे विकसित भारत की आधारशिला रखने वाला बजट बताया।
उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2023-24 का सर्वस्पर्शी और सर्वसमावेशी बजट प्रस्तुत किया है। अमृतकाल का यह पहला बजट भारत को’विकसित भारत’ बनाने की आधारशिला रखने वाला बजट है। 25 साल बाद भारत जब अपनी आजादी का शताब्दी वर्ष मनाएगा,तब तक भारत जो विकसित राष्ट्र बनेगा, उस लक्ष्य को प्राप्त करने की दिशा में यह बजट मील का पत्थर होगा।
शेखावत ने कहा कि कोविड महामारी के कारण दुनिया के सभी देशों की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरगामी दृष्टिकोण का परिणाम है कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ी है और भारत दुनिया की पांचवीं बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है। हमारे किसानों की मेहनत का परिणाम है कि हम आज दुनिया के 10 सबसे बड़े निर्यातक बन गए हैं।
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