गणेश जी की पूजा में न करें तुलसी का इस्तेमाल
घर में एक स्थान पर नहीं होनी चाहिए दो गणेश मूर्तियां
धर्म डेस्क: 22 अगस्त, गणेश चतुर्थी के साथ ही लोगों के घर में बप्पा का आगमन हो चुका है। इस दिन से लेकर अनंत चतुर्दशी तक हिंदू धर्म से संबंध रखने वाले लोग पूरी तरह विघ्नहर्ता गणपति की भक्ति में लीन दिखाई देता है। हालांकि इस साल की बात की जाए तो कोरोना महामारी ने इस बार से इस सुंदर दृश्य को पूरी तरह से बदल दिया है।
गणेश मंदिरों में हर साल की तरह धूम देखने को नहीं मिली। हर कोई सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करते हुए बप्पा को घर ले जाता दिखा। शास्त्रों के अनुसार पूरे दिन लोग देवी पार्वती के पुत्र गणेश जो की अपने घरो में रखकर इनकी खूब सेवा करते हैं। मगर इस दौरान लोग जाने-अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिससे उन्हें शुभ की जगह अशुभ प्रभाव प्राप्त होते हैं।

ज्योतिष शास्त्री की मानें तो गणेश जी की पूजा से जुड़ी कुछ ऐसी बातें होती हैं जिनको ध्यान में रखना अति आवश्यक होता है। चलिए जानते हैं क्या वो बातें-
गणेशोत्सव के दिन बहुत ही पावन व शुभ होते हैं, इसलिए इस दौरान की गई पूजा अति शुभदायक होती है। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि इनकी पूजा में कभी भी नीले और काले रंग के वस्त्र धारण न करें। इसके विपरीत इनकी पूजा में सदैव पीले रंग के कपड़े पहनें।
इस बात को विशेष ख्याल रखें कि बप्पा की पूजा में कभी तुलसी के पत्ते का उपयोग न करें। ऐसे में भगवान गणेश रुष्ट हो जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी ने भगवान गणेश को लम्बोदर और गजमुख कहकर शादी का प्रस्ताव दिया था, मगर गणेश जी ने नाराज होकर उन्हें श्राप दे दिया था।
प्रत्येक व्यक्ति को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि अगर घर में बप्पा की नई मूर्ति रखें तो पुरानी प्रतिमा को पहले विसर्जित करें। कहा जाता है घर में एक ही समय में तथा एक की स्थान पर गणपति की दो प्रतिमाएं नहीं होनी चाहिए।
साथ ही साथ इस बात का बात का भी ध्यान रखें कि भगवान गणेश की मूर्ति के पास अंधेरा न हो। अगर ऐसा हो तो उनके दर्शन नहीं करने चाहिए। कहा जाता है ऐसे में शुभ नहीं अशुभ फल प्राप्त होते हैं।
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