नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक नीति निजी क्षेत्र को करगी प्रोत्साहित
देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद का 14 प्रतिशत है
वर्ष 2030 तक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में शीर्ष 10 में शामिल का लक्ष्य
लखनऊ। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने संचालन तंत्र पर आने वाले खर्च को कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की सफलता में उत्तर प्रदेश के प्रयासों की रविवार को सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उद्देश्यों पर उत्तर प्रदेश सरकार की नई वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक नीति निजी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने वाली है और निजी क्षेत्र को इसका अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।
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मंत्री अनुप्रिया पटेल ने आयोजित तीन दिवसीय ‘उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2023’ के अंतिम दिन रविवार को ‘भारत का उभरता हुआ वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टक हब उत्तर प्रदेश’ विषय पर सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि फिलहाल देश में लॉजिस्टिक लागत सकल घरेलू उत्पाद का 14 प्रतिशत है, जिसमें वर्ष 2030 तक लगभग आठ प्रतिशत तक की कमी लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होने के नाते भारत का लक्ष्य वर्ष 2030 तक लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन सूचकांक में शीर्ष 10 में शामिल होना है।
पटेल ने कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश की सरकार, जिस तरह वेयरहाउसिंग और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बना रही है, उससे हमें अपने लक्ष्य में निश्चित ही सफलता मिलेगी। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने विशेष सत्र में लॉजिस्टिक सेक्टर की चुनौतियों की चर्चा करते हुए कहा कि लॉजिस्टिक लागत को कम करना उद्योग जगत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, इसके लिए नीतिगत प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अमेरिका, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर और कुछ यूरोपीय देशों में लॉजिस्टिक लागत जीडीपी अनुपात से बहुत कम है और सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि लॉजिस्टिक समस्याओं को कम-से-कम किया जाए, निर्यात कई गुना बढ़े और छोटे उद्योगों एवं उनमें काम करने वाले लोगों को अधिक लाभ मिले।
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