सुशील कुमार मोदी ने राबड़ी देवी की पुरानी फोटो की ट्वीट
ट्वीट कर लिखा – कोसी महासेतु की सौगात मिलने से वह खुश नहीं
पीएम मोदी ने 18 सितंबर को किया था उद्घाटन
बिहार डेस्क: बिहार के पूर्व सीएम राबड़ी देवी और वर्तमान उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के बीच ट्वीटर जंग छिड़ गई है। इसकी मुख्य वजह है कोसी महासेतु, जिसका शिलान्यास पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई ने राबड़ी देवी के कार्यकाल के अंतर्गत किया था।
सुशील कुमार का राबड़ी देवी और लालू पर वार
असल में उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने शिलान्यास की कुछ तस्वीरे सोशल मीडिया पर सांझा की है जिसे लेकर राबड़ी देवी पर निशाना साधा है। ट्वीट कर उन्होंने ने लिखा है 6 जून 2003 को जब तत्कालीन पीएम अटल जी कोसी महासेतु की आधारशिला रखने आए थे, तब तत्कालीन सीएम राबड़ी देवी की मुद्र से साफ झलक रहा था कि वह इस सौगात से खुश नहीं है। बिहार को मिलने वाली यह सौगात उन्हें अच्छी नहीं लग रही है। वह मुंह फेरे बैठी हैं। सुशील कुमार मोदी ने राबड़ी देवी के साथ ही लालू यादव पर भी निशाना साधा है।

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राबड़ी देवी का पलटवार
पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सुशील कुमार के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए उनपर पलटवार किया है। राबड़ी देवी बिहारी अंदाज में सुशील कुमार जमकर बरसी। साथ ही कहा – कब तक नीतीश कुमार गिरोगे।
06जून 2003 को जब तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कोसी महासेतु की आधारशिला रखने आये थे, तब तत्कालीन मुख्यमंत्री राबड़ी देवी भी समारोह के मंच पर मौजूद थीं।
— Sushil Kumar Modi (@SushilModi) September 19, 2020
पीएम मोदी ने 86 साल पुराना सपना साकार किया
बता दें कि 18 सितंबर को पीएम मोदी ने कोसी महासेतु का उद्घाटन किया था। 516 करोड़ रूपए की लागत से बने इस पुल की वजह से एक बार फिर कोसी और मिथिलांचल के लोगों का सपना पूरा हो गया। इस पुल से आसपा रहने वाले कई लोगों को फायदा मिलेगा।
झूठों के सरदार राजस्थानी मेवालाल, यह तस्वीर क्या बयान करती है कि नीतीश कुमार मुँह बनाइल है।
सारी शर्म और लोकलाज बेच खाए हो का?श्रीमान, लोकतंत्र में इतनी निम्नता और नग्नता ठीक नहीं।आँख खोलकर बाक़ी तस्वीरें देख ले..कलेजे को ठंडक मिल जाए।कहाँ व कब तक नीतीश कुमार के लिए इतना गिरोगे? https://t.co/Dl8Y0IMGzK pic.twitter.com/UxRGhFkT3g
— Rabri Devi (@RabriDeviRJD) September 19, 2020
भूकंप की वजह से क्षतिग्रस्त हो गया था पुल
बता दें कि बिहार में 1934 में भूकंप की वजह से कोसी नदी पर बना रेल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था जो अब 86 सला बाद जा कर एक बार फिर से जुड़ गया है। ट्रेनों की आवाजाही भी ष्षुरू हो गई है। 298 किलोमीटर की दूरी घटकर महज 22 किलोमीटर रह गई।
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