
भाजपा का नया मुख्यालय बनने के बाद पहला लोकसभा चुनाव हो रहा है, इसलिए और ज्यादा लोग पहुंचने लगे हैं। भाजपा कार्यालय में सुबह से हलचल पैदा हो गई थी। दोपहर बाद वरिष्ठ नेता अरूण जेटली पहुंचे, कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने प्रवक्ताओं की बैठक ली। यह बैठक इस लिहाज से भी महत्वपूर्ण थी कि इस समय पुलवामा मामले और सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर केन्द्र सरकार संक्रमण दौर से गुजर रही है। इसलिए पार्टी प्रवक्ता और सरकार के प्रवक्ताओं के लिए यह जरूरी था कि उन्हें विपक्ष की तरफ से उठाए जाने वाले सवालों पर कितना और कब बोलना है। इस बैठक में पार्टी प्रवक्ताओं के अलावा सरकार के प्रवक्ता केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद भी मौजूद थे। इस बीच जेटली से केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मुलाकात की। इसके अलावा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी मिले। दरअसल अरूण जेटली पार्टी के प्रचार कमेटी की जिम्मेदारी देख रहे हैं। इसलिए इस समय वह हर दिन भाजपा आफिस जा रहे हैं। शाम 6 बजे भाजपा अध्यक्ष शाह पहुंचे। इसके बाद उन्होंने भाजपा महासचिवों की बैठक ली। बैठक में महासचिव (संगठन) रामलाल, अरूण सिंह, अनिल जैन, भूपेंद्र यादव आदि मौजूद रहे। सूत्र बताते हैं कि शाह द्वारा महासचिवों को प्रभार वाले राज्यों के चुनावी कार्य को लेकर उनसे चर्चा की गई। दरअसल नई व्यवस्था में पार्टी महासचिवों के पास एक राज्य पहले से थे, लेकिन कुछ माह पहले महासचिवों को एक से दो राज्य और दे दिए गए हैं। महासचिवों का इन राज्यों में दौरा भी हो चुका है। सूत्रों के मुताबिक टिकटों की घोषणा के लिए 15 या 16 मार्च को पहली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक होने की संभावना है। इसमें पहले, दूसरे चरण वाले चुनावी राज्यों में प्रत्याशियों का ऐलान हो जाएगा। तब तक भाजपा मुख्यालय में इसी तरह रौनक लगी रहेगी।