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LAC पर चीन ने जुटाए सैनिक और गोला बारूद, हमारी सेना भी तैयार: राजनाथ

  • चीन द्वारा यथास्थिति में एकतरफा बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य
  • पूर्वी लद्दाख में कर रहें हैं चुनौती का सामना
  • अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्ष को नहीं दी बात रखने की अनुमति

नेशनल डेस्क: लद्दाख के पूर्वी क्षेत्र में चीन की सेना के साथ गतिरोध के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत शांतिपूर्ण तरीके से सीमा मुद्दे के हल के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन पड़ोसी देश द्वारा यथास्थिति में एकतरफा ढंग से बदलाव का कोई भी प्रयास अस्वीकार्य होगा। रक्षामंत्री ने कहा कि अभी की स्थिति के अनुसार, चीन ने एलएसी और अंदरूनी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में सैनिक टुकड़ियां और गोला बारूद को इकट्ठा किया है,भारतीय सेना ने भी पूरी तैयारी कर ली है।


उन्होंने कहा कि हम पूर्वी लद्दाख में चुनौती का सामना कर रहे हैं, हम मुद्दे का शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हमारे सशस्त्र बल देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए डटकर खड़े हैं। रक्षा मंत्री के जवाब के बाद कांग्रेस के सदस्य भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखना चाहते थे लेकिन अध्यक्ष ओम बिरला ने नियमों का उल्लेख करते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी।कांग्रेस के अधीर रंजन चौधरी और गौरव गोगोई ने कहा कि उन्हें भी बोलने का अधिकार है।


हालांकि आसन से अनुमति नहीं मिलने के बाद कांग्रेस सदस्यों ने विरोध स्वरूप सदन से वाकआउट किया। लोकसभा में पूर्वी लद्दाख की स्थिति पर दिये गये एक बयान में रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि इस सदन को प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि यह सदन और सारा देश सशस्त्र बलों के साथ है। उन्होंने कहा, ‘ मैं इस सदन से यह आग्रह करना चाहता हॅूं कि हमें एक प्रस्ताव पारित करना चाहिए कि हम अपने वीर जवानों के साथ कदम-से-कदम मिलाकर खड़े हैं, जो कि अपनी जान की परवाह किए हुए बगैर देश की चोटियों की उचाइयों पर विषम परिस्थितियों के बावजूद भारत माता की रक्षा कर रहे हैं।’


सिंह ने हाल ही में चीन के रक्षा मंत्री वेई फेंगहे से मॉस्को में अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘मैंने यह भी स्पष्ट किया कि हम इस मुद्दे को शांतिपूर्ण ढंग से हल करना चाहते हैं और हम चाहते हैं कि चीनी पक्ष हमारे साथ मिलकर काम करे। हमने यह भी स्पष्ट कर दिया कि हम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।’ उन्होंने कहा, ‘ मैं इस बात पर बल देना चाहूंगा कि भारत शातिपूर्ण बातचीत और परामर्श से सीमा मुद्दों को सुलझाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से मैंने चार सितंबर को चीनी रक्षा मंत्री से बातचीत की।’ रक्षा मंत्री ने कहा कि इस वर्ष की स्थिति पहले से बहुत अलग है, फिर भी हम मौजूदा स्थिति के शांतिपूर्ण समाधान के प्रति प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ वह सदन को आश्वस्त करना चाहते हैं कि सरकार सभी परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार है।

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