नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पार्टी के भीतर बड़ी सेंधमारी करते हुए सोनिया गांधी के करीबी रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता टॉम वडक्कन को तोड़ लिया। वीरवार को पार्टी ने उन्हें विधिवत रूप से भाजपा में शामिल करा दिया। केरल में अच्छी पकड़ रखने वाले वडक्कन 20 वर्षों से कांग्रेस पार्टी में कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। वे पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी थे। भाजपाई होते ही टॉम ने कहा कि मेरे पास कोई विकल्प नहीं था। पार्टी में कौन पावर सेंटर है, यह पता ही नहीं चल पा रहा था। टॉम वडक्कन ने कहा कि पुलवामा हमले के बाद सेना को लेकर कांग्रेस के स्टैंड से वे काफी दुखी थे और भारी मन से पार्टी छोडऩे का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि देशप्रेम से समझौता नहीं किया जा सकता है। वडक्कन ने पीएम मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि कांग्रेस में यूज एंड थ्रो कल्चर है और मुझे यह स्वीकार्य नहीं है। मैंने अपने जीवन के 20 साल कांग्रेस को दिये, लेकिन पार्टी में वंशवाद हावी होता जा रहा है। भाजपाई होने से पूर्व टॉम ने भाजपा के अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की। इसके लिए भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, राज्य सभा सांसद राकेश सिन्हा और भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी की उपस्थिति में विधिवत सदस्यता ग्रहण की। सूत्रों के मुताबिक टॉम वडक्कन को केरल से लोकसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है। वह जिस लोकसभा सीट से ताल्लुक रखते हैं वहां वामपंथियों का कब्जा है। लेकिन, इस सीट पर टॉम की विरादरी से करीब 40 प्रतिशत वोट है, इसलिए भाजपा टॉम को उताकर केरल में कमल खिला सकती है।
