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भारतीय वायुसेना में शामिल पांच राफेल लड़ाकू विमान, जाने राफेल लड़ाकू विमानों की क्या है खासियत, क्यों घबराते हैं इससे दुश्मन…..

  • भारतीय वायुसेना का हिस्सा हुए पांच राफेल लड़ाकू विमान
  • दुश्मनों को छक्के छुड़ाने के लिए काफी है राफेल
  • राफेल लड़ाकू विमानों की खासियत और क्यों घबराते हैं इससे दुश्मन

नेशनल डेस्क: भारत और चीन में सीमा पर जारी गतिरोध के बीच आज फ्रांस से भारत आए पांच राफेल लड़ाकू विमानों को अंबाला एयरबेस पर आधिकारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया है। राफेल इंडक्शन सेरेमनी के लिए सर्व धर्म पूजा आयोजित की गई थी। वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया,राजनाथ सिंह और उनके बाद फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली ने राफेल इंडक्शन सेरेमनी को संबोधित किया हैं।

वायुसेना अध्यक्ष एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने कहा कि राफेल जहां भी और जब भी तैनात होगा, दुश्मनों पर भारी पड़ेगा।  राफेल को भारतीय वायु सेना में शामिल करने के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ,वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया, फ्रांस की रक्षा मंत्री फ्लोरेंस पर्ली भी उपस्थित थे। यह राफेल लड़ाकू विमान लंबी राजनीतिक बहस और कई प्रक्रिया का सामना करने के बाद भारत पहुंचे हैं, जो अत्याधुनिक तकनीक (cutting-edge technologies) के साथ वायुसेना में शामिल हुए हैं। आप को बताते है इस राफेल लड़ाकू विमानों की खासियत क्या हैं और दुश्मन क्यों इससे घबराया हुआ है।

यह है इन लड़ाकू विमान की कुछ खूबियां-

1) राफेल लड़ाकू विमान शुरू होते ही ऊंचाई पर पहुंचने में अन्य विमानों से काफी आगे हैं।  राफेल की चढ़ाई की दर 300 मीटर प्रति सेकंड है, जो चीन-पाकिस्तान विमान से भी बेहतर है।

2) राफेल लड़ाकू विमान दो इंजन वाला विमान है और इसका कॉम्बैट रेडियस 3700 किलोमीटर है। यह राफेल  एक मिनट में 18 हजार मीटर की ऊंचाई तक जा सकते हैं।

3) राफेल लड़ाकू विमान में तीन तरह की मिसाइलें लगाई जा सकती हैं। हवा से हवा में मार करने वाली उल्का मिसाइल, हवा से जमीन पर मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल और हैमर मिसाइल।

4) राफेल एक ओमनी-रोल लड़ाकू विमान है।  यह पहाड़ों पर कम जगह में उतर सकता है और इसे समुद्र में चलते हुए युद्धपोत पर ले जाया जा सकता हैं।

5) राफेल विमान में हवा में ही फ्यूल भरा जा सकता है। एक बार फ्यूल भरने पर यह लगातार 10 घंटे की उड़ान भर सकता है। साथ ही इनमें 60 घंटे अतिरिक्त उड़ान की भी गारंटी है.

6) राफेल लड़ाकू जेट वर्तमान में अंबाला एयरबेस पर तैनात हैं, जो चीन और पाकिस्तान सीमा के पास है।  ऐसे में मौजूदा परिस्थितियों में यह भारत के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।

7) राफेल का रडार सिस्टम 100 किलोमीटर के दायरे में एकबार में एक साथ 40 टारगेट की पहचान कर सकता है।राफेल पर लगी गन एक मिनट में 2500 फायर करने में कैपेबल(capable) है।

8) राफेल लड़ाकू विमान करीब 24,500 किलोग्राम तक का भार उठाकर ले जाने के लिए सक्षम (capable) हैं। राफेल में अभी लगी हुई मिसाइलें सीरिया, लीबिया जैसी जगहों में इस्तेमाल हो चुकी हैं।

9) तकनीक में उन्नत यह विमान हवाई निगरानी, ग्राउंड सपोर्ट, इन डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शर्प स्ट्राइक और परमाणु अभियानों को अंजाम देने में दक्ष है। इसमें मल्टी मोड रडार लगे हैं। इसके अलावा जल्द ही SPICE 2000 को भी इसमें जोड़ा जाएगा।

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