जन्माष्टमी 2022 अत्यंत दुर्लभ संयोग पूजा
400 साल बाद जन्माष्टमी तिथि पर बन रहा शुभ संयोग
कृष्ण जन्माष्टमी पर बन रहे 8 योग बेहद शुभ संयोग
Janmashtami 2022: भारत समेत दुनियाभर में कृष्ण भक्त इस साल भगवान श्रीकृष्ण का 5248वां जन्मोत्सव मनाएंगे। भगवान कृष्ण के मध्य रात में प्रकट होने के कारण भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं। रात को भगवान श्रीकृष्ण का जन्म होने के बाद वह व्रत खोलते हैं और अगले दिन नंदोत्सव मनाते हैं।

18 और 19 अगस्त को मना रहे हैं कृष्ण जन्माष्टमी
इस साल कृष्ण जन्माष्टमी 18 अगस्त को तो कुछ 19 अगस्त को मना रहे हैं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक भदो मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 18 अगस्त, गुरुवार की रात 09:21 से शुरू हो रही है। अष्टमी तिथि 19 अगस्त को रात 10:50 बजे समाप्त होगी।
कृष्ण जन्माष्टमी पर बन रहे 8 योग बेहद शुभ संयोग
कई ज्योतिषियों का मानना है कि इस दिन 8 योग बेहद शुभ संयोग बना रहे हैं जिसकी वजह से 19 तारीख खरीदी और प्रॉपर्टी में निवेश के लिए बेहद लाभदायक है। कहा जा रहा है कि तकरीबन 400 साल बाद जन्माष्टमी तिथि पर इतना शुभ संयोग बनने वाला है।

जन्माष्टमी पर बन रहे हैं खास योग
- ध्रुव योग
मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन ध्रुव योग बनता है वह दिन शुभ कार्यों को प्रारंभ करने के लिए लाभदायक माना जाता है।
- छत्र योग
शुक्रवार को छत्र योग कृतिका नक्षत्र में बन रहा है जिसकी वजह से नए व्यापार या जॉब की शुरुआत करना लोगों के लिए मंगलमय होगा।
- महालक्ष्मी योग
धर्म ग्रंथों के अनुसार, चंद्रमा और मंगल की शुभ स्थिति की वजह से महालक्ष्मी योग बनता है। इस योग में निवेश करना फलदाई माना गया है।
- बुधादित्य योग
बुधादित्य योग सूर्य और बुध की शुभ स्थिति से बनता है। इस योग में किए जाने वाले सारे काम सफल होते हैं।
- हर्ष राजयोग
हर्ष राजयोग में नए कार्य की शुरुआत करने वाले व्यक्ति की किस्मत उसका साथ जरूर देती है। इसके साथ यह राजयोग सुख और समृद्धि भी लाता है।
- कुलदीपक राजयोग
माना जाता है कि कुलदीपक राजयोग में सच्चे मन से भगवान की पूजा करने से संतान की तरक्की का वरदान मिलता है। यह राजयोग बुध, गुरु और मंगल से बनता है।
- भारती राजयोग
गुरु और मंगल की वजह से इस वर्ष भारती राजयोग बन रहा है। इस राजयोग में किए जाने वाले शुभ कार्यों का पुण्य अधिक हो जाता है।
- सत्कीर्ति राजयोग
इस राजयोग में नए व्यापार और नौकरी की शुरुआत करना शुभ माना गया है।
जन्माष्टमी शुभ मुहूर्त
- अष्टमी तिथि प्रारम्भ- 18 अगस्त को 09:20 PM
- अष्टमी तिथि समाप्त- 19 अगस्त को 10:59 PM
- रोहिणी नक्षत्र प्रारम्भ- 20 अगस्त को 01:53 AM
- रोहिणी नक्षत्र समाप्त- 21 अगस्त को 04:40 AM
- अभिजीत मुहूर्त- 12:05 -12:56 तक
- वृद्धि योग- बुधवार 17 अगस्त दोपहर 08:56 – गुरुवार 18 अगस्त रात्रि 0841 तक

ऐसे करें भगवान श्रीकृष्ण की पूजा
कृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा करने से पहले भगवान श्री कृष्ण का पूरा श्रृंगार होता है। उन्हें झूले में बैठाया जाता है। श्रृंगार करने के बाद उन्हें अक्षत व रोली का तिलक लगाएं। कृष्ण भगवान श्री कृष्ण को वैजयंती के फूल अर्पित करना सबसे शुभ माना जाता है। श्री कृष्ण को माखन व मिश्री पंचामृत का भोग जरूर लगाएं। कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा करते वक्त कृष्ण के विशेष मंत्रों का जाप जरूर करें। पूजा के बाद भगवान
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