1984 में हुए सिख दंगे में 5 गिरफ्तार
आगजनी और जघन्य हत्याकांड के है आरोपी
अब तक SIT के हत्थे चढ़े 11 दंगाई
कानपुर: 1984 में सिख विरोधी दंगे के दौरान हुए तिहरे हत्याकांड में एसआईटी की जांच के बाद अब ताबड़तोड़ गिरफ्तारियां हो रही हैं। पहले 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी SIT ने अब जसवंत सिंह, रमेश चंद्र, रविशंकर, भोला और गंगा बक्श सिंह नाम के 5 और आरोपियों को धर दबोचा। अब तक इस हत्याकांड में 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके है। केस में 21 नामजद हैं। एसआईटी अध्यक्ष पूर्व डीजीपी ने इस मामले में समीक्षा बैठक बुलाई है।

बुधवार को एसआईटी ने किदवईनगर में तीन अलग-अलग जगह छापेमारी कर पांच और लोगों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान साकेत नगर बीएसएनएल एक्सचेंज के समाने कंजड़पुरवा किदवई नगर निवासी जसवंत (68), जूही लाल कालोनी निवासी रमेश चंद्र दीक्षित (62), रविशंकर मिश्रा (76), निराला नगर निवासी भोला (70) और यू ब्लॉक निराला नगर निवासी गंगा बक्श सिंह (60) के रूप में हुई है।
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दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए सिख विरोधी विरोधी दंगों के समय कानपुर में 127 लोगों की हत्या कर दी गई थी। कई लोगों के घरों को जला दिया गया था और जमकर लूटपाट हुई थी। उस समय कई एफआईआर दर्ज हुईं, लेकिन किसी भी आरोपी को पकड़ा नहीं जा सका। तभी से सिख समुदाय लगातार इंसाफ के लिए गुहार लगाता रहा। कई सरकारें आईं, कई आयोग बने, कई एसआईटी बनीं, लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी।

योगी आदित्यनाथ सरकार ने 2019 में एक बार फिर दंगों की जांच के लिए एसआईटी बनाई। जिसने 11 ऐसे मामले जांच के लिए पाए, जिनमें पर्याप्त साक्ष्य थे। नतीजा यह हुआ कि 11 मामलों में पर्याप्त सबूत और गवाह मिले तो 96 आरोपियों के नाम निकलकर सामने आए। इनमें से 22 लोगों की मौत हो चुकी जबकि 74 की गिरफ्तारी की जानी थी। इनमें से अब तक 11 दंगाइयों की गिरफ्तारी घाटमपुर से की गई है।
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