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UP: POLICE हिरासत में 19 साल के एक लड़के की मौत, घर वालों ने किया विरोध प्रदर्शन

  • रायबरेली में एक लड़के की पुलिस हिरासत में मौत
  • परिवार वालों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
  • अवैध रूप से 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखा गया था आरोपियों को
  • मरने वाले के साथ चार अन्य लोगों को हिरासत में लिया गया था

यूपी डेस्क: रायबरेली में एक लड़के की पुलिस कस्टडी में मौत हो गई है। इस लड़के का नाम मोनू उर्फ मोहित था। लड़के की उम्र 19 साल बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक लड़के के परिवार वालों ने थाना के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और प्रताड़ना का आरोप लगाया है। इसी के चलते रविवार को स्थानीय पुलिस थाने के इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया था। मोहित पर एक बाइक चुराने का आरोप था। इसी कारण पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था।

बता दें, शुक्रवार को 19 वर्षीय मोनू को लालगंज इलाके में गिरफ्तार किया गया। यह इलाका लखनऊ से 80 किलोमीटर दूर रायबरेली में स्थित है। मोनू एक दलित परिवार से था। उस पर मोटरसाइकिल चोरी करने और गैंग से ताल्लुक रखने का आरोप था।

इससे पहले भी चोरी के मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। मोनू के परिवार वालों का आरोप है कि उसे पुलिस हिरासत में काफी टॉर्चर किया गया। साथ ही अवैध रूप से पांचो व्यक्तियों को 24 घंटे से ज्यादा समय तक पुलिस कस्टडी में रखा गया था। परिवार वालों को जब मोनू की मौत की जानकारी मिली तो परिवार और स्थानीय लोगों ने पुलिस स्टेशन के सामने विरोध प्रदर्शन कर दिया था।

मोनू के भाई सोनू ने बताया, ” पुलिस ने उसे और उसके भाई दोनों को उठाया था। वह मोनू से पूछते रहे कि चाबी कहां है। पुलिस ने मोनू को बुरी तरह पीटा था” पुलिस के मुताबिक, मोनू में पहले ही न्यूमोनिया, सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिख रहे थे।

पुलिस ने मोनू के भाई सोनू को भी हिरासत में लिया था लेकिन पूछताछ के बाद उसे छोड़ दिया गया। पुलिस इंचार्ज पर मोनू को प्रताड़ना देने का आरोप है। हालांकि पुलिस ने इस आरोप से इनकार करते हुए कहा है की मोनू की मौत जिला अस्पताल में हुई है। पुलिस का दावा है कि उसमें corona जैसे लक्षण देखे गए थे।

रायबरेली के पुलिस चीफ स्वप्निल ममगैन का कहना है,  ‘शनिवार शाम मोनू को पेट दर्द की शिकायत होने पर उसे पास के डॉक्टर के पास ले जाया गया और वहां उसे दवाइयां दी गई। अगले दिन सुबह मोनू की तबीयत फिर खराब हो गई तब उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। उसे वहां भर्ती कराया गया। डॉक्टर ने बताया कि मोनू का ऑक्सीजन लेवल गिर गया था और उसमें निमोनिया के लक्षण थे। मोहन की मौत 11 बजे अस्पताल में ही हो गई थी। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। पुलिस चीफ ने कहा वह पोस्टमार्टम की वीडियो रिकार्डिंग करा रहे हैं। साथ ही उन्होंने कहा जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ शिकायत की गई है, उनकी जांच कराई जा रही है।

ममगैन ने कहा, ‘पहली जांच में पता चला है की पुलिस इंचार्ज ने पांचो आरोपियों को अवैध रूप से 24 घंटे से ज्यादा हिरासत में रखा था इसी के चलते  थाना इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया है।

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