राज्यसभा लगातार चौथे दिन छाया रहा कोरोना संक्रमण का मुद्दा
ताली-थाली बजाना जंग में जुटे लोगों का मनोबल बढ़ाने लिए
जैसे चरखा चलाना एक प्रतीक था,वैसे ही ताली-थाली भी एक प्रतीक
नेशनल डेस्क: संसद के मानसून सत्र के आज चौथे दिन भी राज्यसभा में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण का मुद्दा छाया रहा। सरकार और विपक्ष में इस पर जमकर बहस देखने को मिली। कोरोना पर आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद कोरोना पर चर्चा के दौरान आप सांसद संजय सिंह ने कहा, ‘सत्ता पक्ष के लोग कह रहे हैं, विपक्ष ने ताली-थाली बजाने में सरकार का सहयोग नहीं किया।

संजय सिंह ने कहा कि एक भी ऐसी रिसर्च बता दीजिए जिसमें ताली-थाली बजाने से कोरोना ठीक हुआ हो, तो मैं प्रधानमंत्री के साथ ताली-थाली बजाने के लिए तैयार हूं।’ बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने आप के सांसद को इसका जवाब देते हुए पूछा कि क्या चरखा चलाने से आजादी मिल गई थी?

संजय सिंह की बात का जवाब देते हुए बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, ‘कोरोना मानव जाति के इतिहास की ज्ञात अबतक की सबसे बड़ी आपदा है। जो लोग कह रहे हैं क्या ताली-थाली बजाने से कोरोना खत्म हो जाएगा, मैं उनसे पूछना चाहता हूं क्या चरखा चलाने से आजादी मिली थी? चरखा चलाना एक प्रतीक था। ठीक इसी तरह ताली-थाली बजाना एक प्रतीक था, जिसके जरिए कोरोना से जंग में जुटे लोगों का मनोबल बढ़ाने की की कोशिश की गई। जैसे गांधी जी ने अंग्रेजों को भगाने के लिए चरखे को प्रतीक बनाया था।

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