- राज्यसभा में बिल हुआ पेश
- शिवसेना का मिला समर्थन
- दूसरी विपक्षी पार्टियों ने साधा निशाना
नेशनल डेस्क : संसद के मॉनसून सत्र का आज 7वां दिन है। केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किसान बिल को राज्यसभा में पेश किया। जिसका राजनीतिक दलों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। इसके अलावा किसान संगठन भी जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
उच्च सदन में किसान बिल को लेकर तीखी चर्चा चल रही है। जहाँ एक तरफ कांग्रेस, द्रमुक, डीएमके ने केंद्र सरकार के लाए इस बिल का पुरज़ोर विरोध किया, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी को शिवसेना का समर्थन मिला। शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा- अगर यह बिल किसान विरोधी है तो पूरे देश में विरोध क्यों नहीं हो रहा है? अगर पूरे देश में विरोध नहीं हो रहा है तो इसका मतलब है कि बिल में दम है लेकिन कुछ कन्फ्यूजन भी है।

इन नेताओं ने बिल के विरोध में दिए बयान…
सीएम केजरीवाल नें ट्वीट कर कहा — ‘केंद्र के तीनों विधेयक किसानों को बड़ी कंपनियों के हाथों शोषण के लिए छोड़ देंगे। मेरी सभी ग़ैर भाजपा पार्टियों से विनती है कि राज्यसभा में एकजुट होकर इन विधेयकों का विरोध करें, सुनिश्चित करें कि आपके सभी MP मौजूद हों और वॉकआउट का ड्रामा ना करें। पूरे देश के किसान आपको देख रहे हैं।’

इस बिल के जरिए किसानों को पूंजीपतियों के हाथों में सौंपने का काम किया जा रहा है। यह एक काला कानून है जिसका मैं आम आदमी पार्टी की तरफ से विरोध करता हूंः संजय सिंह, AAP

आरजेडी सांसद मनोज झा ने कहा- अगर यह बिल सदन से पास होता है तो समझ लीजिए आप किसानों के लिए ‘शोक संदेश’ लिख रहे हैं।

क्या बिल राज्यसभा में हो सकेगा पास?
बता दें कि गुरुवार को लोकसभा में तीन किसान विधेयक पास कर दिए गए हैं। गुरुवार को यह बिल पास होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने सदन से वॉकआउट कर दिया था। पार्टियों ने इन विधेयकों को ‘किसान विरोधी’ बताया है। पंजाब और हरियाणा के किसान जून में किसान अध्यादेश लाए जाने के बाद से ही इसका विरोध कर रहे हैं। मॉनसून सत्र शुरू होने के बाद उनका विरोध-प्रदर्शन सड़कों पर उतर आया है। देखना ये होगा कि बिल राज्यसभा में भी पास हो पाएगा या नहीं।
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