मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहुंचे जोशीमठ
मुख्यमंत्री के बात कर भर आईं प्रभावितों की आंखें
मुख्यमंत्री धामी ने जोशीमठ का हवाई निरीक्षण किया
Joshimath Sinking: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शनिवार को जोशीमठ पहुंचे। उन्होंने यहां भूधंसाव का निरीक्षण किया। मुख्मंत्री ने कहा कि जोशीमठ हमारा पौराणिक शहर है। उत्तराखंड सरकार इस मामले पर अलर्ट है। हमारा मकसद सबको बचाना है। प्रभावितों के विस्थापन के लिए वैल्पिक जगह तलाशी जा रहा है। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। इस दौरान सीएम से बात करते-करते प्रभावितों की आंखें भर आईंं। मुख्यमंत्री धामी ने जोशीमठ का हवाई निरीक्षण भी किया। इसके अलावा सीएम धामी अधिकारियों के साथ जोशीमठ में बैठक भी करेंगे।

जोशीमठ में हो रहे भू-धंसाव से संकटग्रस्त परिवारों को बचाने और राहत देने का काम युद्ध स्तर पर शुरू कर दिया गया है। आठ सदस्यीय विशेषज्ञ दल आपदा प्रबंधन सचिव के नेतृत्व में दो दिन से जोशीमठ में है। सरकार ने जोशीमठ में तत्काल डेंजर जोन को खाली करने और सुरक्षित स्थान पर पुनर्वास केंद्र बनाने की तैयारी कर ली है। जोशीमठ में आपदा कंट्रोल रूम स्थापित करने के साथ ही आवश्यकता होने पर प्रभावितों के लिए एयर लिफ्ट सुविधा की तैयारी रखी गई है। जोशीमठ शहर पुराने भूस्खलन क्षेत्र में बसा है। ऐसे में इसकी धारण क्षमता की पड़ताल कराने के साथ ही इसके आधार पर ही वहां नियोजित ढंग से निर्माण की अनुमति दी जानी चाहिए। जोशीमठ में भूधंसाव की समस्या को लेकर पिछले वर्ष सरकार द्वारा गठित विज्ञानियों की समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह सुझाव दिया था।

सूत्रों के अनुसार विज्ञानियों की समिति ने रिपोर्ट में यह उल्लेख भी किया कि जोशीमठ में भूधंसाव और घरों में दरारें पडऩे का क्रम तेज हुआ है। इसे देखते हुए पूरे शहर को अन्यत्र विस्थापित करने के बाद ही वहां उपचारात्मक कदम उठाए जाएं। गौरतलब है कि विज्ञानियों की समिति ने पिछले वर्ष अगस्त में जोशीमठ का दौरा किया था। समिति ने सितंबर में अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी थी।
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