मप्र के बाद बिहार में भी उद्घाटन से पूर्व बहा पुल
1 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से बना था पुल
तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर सरकार को घेरने का किया प्रयास
रहवासियों ने पुल निर्माण में लगाया धांधली का आरोप
बिहार डेस्क: अब मप्र के बाद बिहार में भी पुल ढहने का मामला सामने आया है। जी हां, बिहार के किशनगंज जिले में उद्घाटन से पहले ही पुल बह गया। करोड़ों रूपए की लागत से बना यह पुल पानी के बहाव में ऐसे ही बह गया। सीधा – सीधा यह मामला किशनगंज जिले के पत्थरघटी पंचायत के गोवामंडी गांव में करीब 1 करोड़ 40 लाख रूपए की लागत से बना था।
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उद्घाटन से पहले पुल का स्वाहा!
पिछले साल जून में पुल निर्माण का कार्य शुरू हुआ था और इस साल जून तक यह पुल बनकर तैयार हो गया था। सालों तक पुल का निर्माण कार्य चलता है लेकिन यह पुल एक साल में ही बनकर तैयार हो गया था। हालांकि अप्रोच पुल अभी नहीं बनी थी इसलिए लोगों ने चचरी के पुल के सहारे आना-जाना शुरू कर दिया था, लेकिन पुल का उद्घाटन होने से पहले ही 16 सितंबर को पुल का स्वाहा हो गया।
स्थानीय लोगों ने लगाया आरोप
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि पुल निर्माण में धांधली की गई है, जिस वजह से करोड़ों का पुल बह गया। ग्रामीणों ने प्रशासन और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यहां नदी उफान को लेकर स्थिति काफी गंभीर बनी हुई थी लेकिन किसी मंत्री, विधायक या प्रशासन ने आकर सुध तक नहीं ली। अब स्थानीय रहवासियों के सामने गंभीर समस्या खड़ी हो गई है कि अब कैसे आवजाही करेंगे। गौरतलब है कि कुछ महीनों पहले गोपालगंज में भी नए बने अप्रोच पुल के कुछ ही समय में टूट जाने से राज्य में जमकर सियासत हुई थी।
तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा
नए पुल के उद्घाटन के पूर्व ही टूट जाने के बाद सियासत शुरू हो गई है। नेता तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, किशनगंज जिला में करोड़ों की लागत से निर्माणाधीन सुशासनी पूल उद्घाटन से पूर्व ही टूट गया। ट्वीट के माध्यम से तेजस्वी यादव ने सीएम नीतीश कुमार और सुशील कुमार मोदी को घेरने का प्रयास किया है।
किशनगंज़ जिला में करोड़ो की लागत से निर्माणाधीन सुशासनी पूल उद्घाटन से पहले टूट गया।
देखते है 15 वर्षों की भ्रष्टाचारी सरकार और 60 घोटालों के प्रबन्ध संरक्षक कर्ता श्री नीतीश कुमार और सुशील मोदी इसका दोष विपक्ष या प्रकृति में से किसे देते है? #ActofNitish
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) September 17, 2020
हालांकि इस मामले पर सियासत होना तय है लेकिन अब देखना होगा कि सरकार अपने पाप धोने के लिए किसको इसका गुनहगार मानती है और दोषियों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करती है, क्योंकि अब चुनावी समय ष्षुरू हो चुका है।
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